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कभी कोयले की खदान में नौकरी करना चाहते थे उमेश यादव, किस्मत बदली तो बने टीम इंडिया के स्टार

Umesh Yadav
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भारतीय क्रिकेट में कई खिलाड़ियों की कहानी ऐसी है, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगती। उमेश यादव (Umesh Yadav) की जिंदगी भी संघर्ष और मेहनत से भरी रही है। आज तेज गेंदबाजी के लिए पहचाने जाने वाले उमेश ने कभी सोचा भी नहीं था कि वह टीम इंडिया के लिए खेलेंगे। आर्थिक हालात ऐसे थे कि परिवार की मदद करने के लिए उन्होंने कोयले की खदान में नौकरी करने की कोशिश की थी। लेकिन किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था।

परिवार चलाने के लिए खदान में नौकरी का सोचा

उमेश यादव (Umesh Yadav) का बचपन नागपुर के पास कोयला खदान इलाके में गुजरा। उनके पिता तिलक यादव वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की कोयला खदान में काम करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी। ऐसे में उमेश यादव (Umesh Yadav) ने भी खदान में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी के लिए आवेदन किया था,

ताकि परिवार की आर्थिक मदद कर सकें। इसके साथ ही उनका सपना पुलिस में भर्ती होने का भी था। उन्होंने पुलिस में कॉन्स्टेबल बनने के लिए लिखित और शारीरिक परीक्षा दी, लेकिन कुछ अंकों से सफल नहीं हो सके। इसके बाद क्रिकेट उनकी जिंदगी में आगे बढ़ने का रास्ता बन गया।

टेनिस बॉल से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर

उमेश यादव (Umesh Yadav) ने किसी बड़ी क्रिकेट अकादमी से ट्रेनिंग नहीं ली थी। उन्होंने शुरुआत टेनिस बॉल से की थी। करीब 19-20 साल की उम्र तक उन्होंने लेदर बॉल से क्रिकेट नहीं खेला था। दोस्तों के कहने पर वह एक लोकल क्लब मैच में पहुंचे और वहां उनकी तेज गेंदबाजी ने विदर्भ के पूर्व क्रिकेटर प्रीतम गंधे का ध्यान खींचा।

इसके बाद उमेश को विदर्भ की रणजी टीम में जगह मिली। उन्होंने अपनी तेज रफ्तार गेंदबाजी से घरेलू क्रिकेट में पहचान बनाई। देखते ही देखते उनका नाम आईपीएल तक पहुंचा और दिल्ली डेयरडेविल्स ने उन्हें अपने साथ जोड़ा।

2010 में टीम इंडिया में मिली एंट्री

उमेश यादव (Umesh Yadav) की मेहनत का सबसे बड़ा इनाम उन्हें 2010 में मिला, जब उन्होंने भारतीय टीम के लिए वनडे डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। उमेश ने भारत के लिए 57 टेस्ट में 170 विकेट, 75 वनडे में 106 विकेट और 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 12 विकेट लिए हैं।

कभी परिवार की मदद के लिए नौकरी तलाशने वाले उमेश ने अपनी तेज गेंदबाजी के दम पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबा सफर तय किया। हाल ही में उमेश यादव (Umesh Yadav) ने घरेलू क्रिकेट में भी बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने विदर्भ से अलग होने के लिए एनओसी ली है और दूसरी राज्य टीम से खेलने की तैयारी कर रहे हैं।

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अनिरुद्ध Trend Bihar में बतौर स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। इन्हें स्पोर्ट, ऑटोमोबाइल,...