राजस्थान के भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह एक केमिकल फैक्ट्री में आग लगने से गंभीर हादसा हुआ, जिसमें कम-से-कम 7 लोग जिंदा जल गए तथा कुछ घायल बताए जा रहे हैं। यह आग इतनी भीषण थी कि मौके पर मौजूद मजदूरों को कुछ ही पलों में बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया और वे आग की लपटों में फंस गए। कई लोग भयंकर रूप से झुलस गए, जिनका इलाज नजदीकी अस्पताल में चल रहा है। इस दुर्घटना की वजह से इलाके में कोहराम मचा हुआ है और प्रशासन ने राहत तथा बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने जताया दुःख
इस भीषण अग्निकांड की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने घटना के बारे में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली और पीड़ितों की सहायता तथा घायल मजदूरों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में इस घटना को बेहद दुखद और पीड़ादायक बताया और मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की।
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि तुरंत राहत कार्य, बचाव अभियान और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाए। साथ ही उन्होंने सुनिश्चित करने को कहा कि आगे इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय और निगरानी रखी जाए। इस पीड़ादायक हादसे से पूरे राज्य में शोक की लहर फैल गई है, और प्रशासनिक स्तर पर भी क्रियाशीलता बढ़ा दी गई है।
सरकारी राहत, जांच व आगे की कार्रवाई
घटना के बाद राजस्थान सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हर मृतक के परिवार को ₹3 लाख की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं, ताकि उन्हें इस कठिन समय में कुछ सहायता मिल सके। यह सहायता मुख्यमंत्री राहत कोष से दी जाएगी।
आग लगने के कारणों की जांच के लिए सरकार ने विस्तार से जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि फैक्ट्री में बहुत ही ज्वलनशील सामग्री और अवैध रूप से स्टोर की गई सामग्री थी, जिससे आग इतनी तेजी से फैल गई। प्रशासन ने फैक्ट्री को सील कर दिया है और आगे की कार्रवाई, सुरक्षा नियमों की जांच तथा ज़िम्मेदार लोगों पर आवश्यक कानूनी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
इस घटना ने औद्योगिक सुरक्षा और नियमों के पालन के महत्व पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य सरकार ने कहा है कि इस हादसे की गहन जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए जाएंगे।
