उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खांसी की दवा (कफ सिरप) की अधिक मात्रा लेने से एक बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार, दवा लेने के कुछ ही समय बाद बच्चा बेहोश हो गया, जिसके बाद उसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल के डॉक्टरों ने समय पर इलाज कर बच्चे की जान बचा ली और अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस घटना ने इलाके में दवाओं के सुरक्षित उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रायबरेली में जांच में सामने आई लापरवाही
प्राथमिक जांच में यह सामने आया कि बच्चे को निर्धारित मात्रा से ज्यादा कफ सिरप दे दिया गया था, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों को दवा देते समय सही खुराक का पालन बेहद जरूरी होता है, क्योंकि ओवरडोज से गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
एक अन्य मामले में यह भी सामने आया कि एक नाबालिग लड़की ने स्थानीय मेडिकल स्टोर से खरीदी गई खांसी की दवा पी थी, जिसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
मेडिकल स्टोर पर प्रशासन की कार्रवाई
घटना के बाद औषधि निरीक्षक ने संबंधित मेडिकल स्टोर की जांच की। जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर स्टोर को सील कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दवाओं की बिक्री में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
साथ ही, संबंधित दवा के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दवा में कोई गुणवत्ता संबंधी समस्या तो नहीं थी।
बढ़ती घटनाएं, चिंता का विषय
हाल के वर्षों में कफ सिरप से जुड़े कई मामले सामने आए हैं, जिनमें ओवरडोज या गलत दवा के सेवन से बच्चों की तबीयत बिगड़ने की घटनाएं बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह के दवा देना खतरनाक हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बच्चों को दवा देते समय डॉक्टर की सलाह जरूर लें और खुराक का विशेष ध्यान रखें।
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