उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने प्रदेश के लगभग 60 जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 22 जुलाई तक कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।
पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के साथ-साथ कई पश्चिमी जिलों में भी अच्छी बारिश होने का अनुमान है। प्रशासन ने सभी जिलों को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।
जलभराव और बाढ़ का बढ़ा खतरा
लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। कई नदियों का जलस्तर भी बढ़ने की संभावना जताई गई है, जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
स्थानीय अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से भी अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
तेज हवाओं और बिजली गिरने की भी आशंका
मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी जताई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए खेती से जुड़े कार्यों की योजना बनाएं। वहीं खुले स्थानों पर मौजूद लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है।
प्रशासन ने नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और कई जिलों में रुक-रुक कर भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने नागरिकों से केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करने और अफवाहों से बचने की सलाह दी है।
प्रशासन ने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। लगातार बारिश को देखते हुए स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। यदि अत्यधिक वर्षा होती है तो स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना सभी के लिए आवश्यक होगा।
