*लखनऊ, 2 नवंबर।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश में दिव्यांगजन के लिए विशेष विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है, जहां बच्चों की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा और प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में प्रदेश के 21 विशेष विद्यालयों में कुल 1464
छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
*प्रयास, संकेत, ममता और स्पर्श के जरिए मिल रही विशेष शिक्षा और प्रशिक्षण*
प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांग बच्चों की विभिन्न आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चार श्रेणियों के विशेष विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इनमें शारीरिक रूप से अक्षम बालकों के लिए राजकीय विद्यालय ‘प्रयास’,
राजकीय मूक-बधिर विद्यालय ‘संकेत’, मानसिक रूप से चुनौतीग्रस्त बालक-बालिकाओं का राजकीय विद्यालय ‘ममता’ और राजकीय दृष्टिबाधित विद्यालय ‘स्पर्श’ शामिल हैं। इन विद्यालयों में बच्चों को उनकी क्षमता और आवश्यकता के अनुरूप शिक्षा एवं प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
*21 में से 16 विशेष विद्यालयों को आईएसओ प्रमाणन*
विशेष विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। विभाग के 21 विशेष विद्यालयों में से 16 को उनकी उच्च स्तरीय शिक्षण एवं प्रशिक्षण व्यवस्था और बेहतर कैंपस प्रबंधन प्रणाली के लिए आईएसओ प्रमाणन प्राप्त है। इन विद्यालयों में कुछ में उच्च प्राथमिक और कुछ में माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा दी जा रही है। साथ ही, छात्रों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्मार्ट क्लासेज की व्यवस्था भी की गई है।
योगी सरकार की इन पहलों से दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने, उनकी प्रतिभा को निखारने और आत्मविश्वास बढ़ाने के अवसर मिल रहे हैं। विशेष विद्यालयों में आधुनिक शैक्षिक सुविधाओं, व्यवस्थित प्रबंधन और जरूरत आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार किया जा रहा है।
*दिव्यांग बच्चों की जरूरतों के अनुरूप तैयार की गई विशेष शिक्षण व्यवस्था*
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के निदेशक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांग बच्चों को बेहतर शिक्षा, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में संचालित 21 विशेष विद्यालयों में 1464 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बच्चों की दिव्यांगता और जरूरतों के अनुरूप प्रयास, संकेत, ममता और स्पर्श विद्यालयों के माध्यम से विशेष शिक्षण व्यवस्था की गई है। स्मार्ट क्लासेज के जरिए बच्चों को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा जा रहा है।
