मेरठ के लोहियानगर क्षेत्र में दर्ज एक कथित चोरी की घटना का पुलिस ने महज 11 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, वह पूरी तरह से फर्जी निकली। पुलिस ने जांच के दौरान न केवल सच्चाई सामने लाई, बल्कि करीब 35 लाख रुपये नकद और 31 तोला सोना भी बरामद कर लिया।
झूठी कहानी से गुमराह करने की कोशिश
जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति ने अपने घर में बड़ी चोरी होने की सूचना पुलिस को दी थी। शिकायत में लाखों रुपये नकद और सोने के आभूषण चोरी होने की बात कही गई। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस तुरंत हरकत में आई और जांच शुरू की गई।
हालांकि, जांच के दौरान पुलिस को कई संदिग्ध तथ्य मिले, जिससे मामला संदिग्ध लगने लगा। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरी घटना की परतें खोलनी शुरू कर दीं।
11 घंटे में खुला राज
मेरठ पुलिस की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सिर्फ 11 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि चोरी की कहानी खुद शिकायतकर्ता द्वारा रची गई थी।
पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद आरोपी ने सच्चाई कबूल कर ली। इसके बाद उसके कब्जे से पूरा पैसा और सोना बरामद कर लिया गया।
बरामदगी ने खोली पोल
पुलिस ने आरोपी के पास से करीब 35 लाख रुपये नकद और 31 तोला सोना बरामद किया। इतनी बड़ी रकम और जेवर मिलने के बाद यह साफ हो गया कि चोरी का मामला पूरी तरह से मनगढ़ंत था।
इस मामले में पुलिस की तत्परता और सटीक जांच से न सिर्फ सच सामने आया, बल्कि झूठी शिकायत के जरिए पुलिस को गुमराह करने की कोशिश भी नाकाम हो गई।
पुलिस की सख्ती से मिला स्पष्ट संदेश
इस कार्रवाई से पुलिस ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि झूठी शिकायत दर्ज कराना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल पुलिस का समय बर्बाद करती हैं, बल्कि असली मामलों की जांच पर भी असर डालती हैं।
आगे होगी कानूनी कार्रवाई
पुलिस अब आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। इस मामले में झूठी सूचना देने और पुलिस को गुमराह करने के आरोप में केस दर्ज किया जाएगा।
मेरठ पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि कानून से बचना आसान नहीं है और सच्चाई देर-सवेर सामने आ ही जाती है।
