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गिरिडीह उपचुनाव की तैयारी: हेमंत कैबिनेट ने ₹114 करोड़ की 3 सड़क परियोजनाओं को दी मंजूरी; कल्पना सोरेन की रहेगी अहम भूमिका

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कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन के बाद आयोजित झारखंड मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में आगामी गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव की राह सुगम बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में गिरिडीह क्षेत्र की तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए लगभग ₹114.6 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।

सरकार का उद्देश्य मतदाताओं के बीच विकास का सकारात्मक संदेश पहुंचाना है। इसके तहत ग्रामीण कार्य विभाग की सड़कों को पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित कर उच्च गुणवत्ता वाली चौड़ी सड़कें बनाने की मंजूरी दी गई है। आचार संहिता लागू होने से पहले इनका टेंडर निकालकर जमीनी काम शुरू करने की तैयारी है। इसके साथ ही बिजली पोल हटाने और वृक्षारोपण जैसी बाधाओं के निराकरण के लिए भी बजट स्वीकृत किया गया है।

स्वीकृत की गईं 3 प्रमुख सड़क परियोजनाएं

बड़कीटांड–जबरदाहा–निमायीटांड–शंकरडीह–मरजुगुण्डी पथ:

लंबाई: 7.783 किमी

लागत: ₹40.08 करोड़

ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित। इसके तहत चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और नई पुलियों का निर्माण किया जाएगा।

मदहालो से अलाकडीहा (भाया खेतको) पथ (NH-19):

लंबाई: 7.8 किमी

लागत: ₹37.46 करोड़

ग्रामीण कार्य विभाग से हस्तांतरित कर इसे नए सिरे से चौड़ा और पक्का बनाया जाएगा।

पतालडीह–देवरी–गांवा सतगांवा सड़क:

लंबाई: 42 किमी

लागत: ₹37.06 करोड़

गिरिडीह पथ प्रमंडल के अंतर्गत आने वाली इस जर्जर सड़क का बड़े पैमाने पर जीर्णोद्धार और मजबूतीकरण किया जाएगा।

श्वेता शर्मा से भावुक मुलाकात और कल्पना सोरेन की भूमिका

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गिरिडीह उपचुनाव में गांडेय की झामुमो विधायक कल्पना सोरेन सबसे मुख्य रणनीतिकार और प्रचारक की भूमिका निभाएंगी:

पारिवारिक व भावनात्मक जुड़ाव: सुदिव्य कुमार सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा हाल ही में नेमरा पहुंची थीं, जहां कल्पना सोरेन ने उन्हें गले लगाया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी आशीर्वाद देकर हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।

रणनीतिक महत्व: गांडेय उपचुनाव के दौरान सुदिव्य कुमार सोनू ने न केवल दिन-रात मेहनत की थी बल्कि पर्दे के पीछे मुख्य रणनीतिकार की भूमिका निभाई थी। अब गिरिडीह सीट को झामुमो के पाले में बनाए रखने की जिम्मेदारी काफी हद तक कल्पना सोरेन के कंधों पर रहेगी।