Gold Price: सोने की कीमतों (Gold Price) में हालिया उतार-चढ़ाव के बाद निवेशकों और खरीदारों के बीच एक सवाल तेजी से चर्चा में है कि क्या भाव गिरकर 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। हाल के महीनों में सोने (Gold) ने तेजी के साथ रिकॉर्ड स्तर बनाए, जिसके बाद कीमतों में करेक्शन भी देखने को मिला। जुलाई 2026 में सोना करीब 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।
हालांकि रिकॉर्ड स्तर से गिरावट के बावजूद विशेषज्ञ फिलहाल 1 लाख रुपये तक बड़ी गिरावट की संभावना को कम मान रहे हैं।
1 लाख तक गिरने के लिए चाहिए बड़ा करेक्शन
मौजूदा स्तर से सोने को 1 लाख रुपये तक पहुंचने के लिए करीब 30 प्रतिशत की बड़ी गिरावट की जरूरत होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा होना असंभव नहीं है, लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में इसकी संभावना कमजोर दिखाई देती है। सोने की कीमत पर अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरें, महंगाई, वैश्विक तनाव और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग का सीधा असर पड़ता है।
हाल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना दो सप्ताह के उच्च स्तर तक पहुंचा था, जहां कमजोर डॉलर और भू-राजनीतिक तनाव ने कीमतों को समर्थन दिया।
विशेषज्ञ की राय जाने
सोने (Gold) को समर्थन देने वाले कई कारक अभी बाजार में मौजूद हैं। केंद्रीय बैंकों की खरीद, वैश्विक अनिश्चितता, महंगाई की चिंता और सुरक्षित निवेश की मांग कीमतों को सहारा दे सकती है। दूसरी तरफ डॉलर मजबूत होने, ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने और भू-राजनीतिक तनाव कम होने पर सोने पर दबाव बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक कीमतों में सामान्य करेक्शन संभव है, लेकिन 1 लाख रुपये तक पहुंचने के लिए कई नकारात्मक परिस्थितियों का एक साथ बनना जरूरी होगा। इसलिए इतनी बड़ी गिरावट को फिलहाल मुख्य संभावना नहीं माना जा रहा है।
Gold खरीदारी करने वालों के लिए इन्तजार करना चाहिए
जिन लोगों को शादी या अन्य जरूरत के लिए सोना (Gold) खरीदना है, उनके लिए केवल बड़ी गिरावट का इंतजार करना जोखिम भरा हो सकता है। कीमतों की सटीक दिशा का अनुमान लगाना मुश्किल होता है। निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदने वाले लोग एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय अलग-अलग चरणों में खरीदारी पर विचार कर सकते हैं। इससे कीमतों में उतार-चढ़ाव का जोखिम कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
फिलहाल विशेषज्ञों का संकेत यही है कि सोने में करेक्शन आ सकता है, लेकिन 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक बड़ी गिरावट के लिए मजबूत कारण चाहिए होंगे। इसलिए बाजार की चाल, डॉलर, ब्याज दरों और वैश्विक घटनाओं पर नजर रखना जरूरी है।
Read More : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का इंतजार हुआ खत्म, जाने किसानों के खाते में कब पहुंचेगी 24वीं किस्त
