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चांदी 7098 गिरकर 2.17 लाख पर आई: इस साल 13 हजार सस्ती हो चुकी, सोने के दाम में आज 2175 की गिरावट

Gold Price Today
चांदी 7098 गिरकर 2.17 लाख पर आई: इस साल 13 हजार सस्ती हो चुकी, सोने के दाम में आज 2175 की गिरावट
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सोना और चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचने के बाद दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है। 29 जुलाई को घरेलू वायदा बाजार में भी सोना कमजोर दिखाई दिया। सुबह के कारोबार में एमसीएक्स पर सोना करीब 1,42,100 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था।

दूसरी ओर चांदी में शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की बढ़त भी देखी गई और इसका भाव करीब 2,17,160 प्रति किलो रहा। अलग-अलग शहरों के खुदरा भाव टैक्स, स्थानीय मांग और ज्वेलर्स के शुल्क के कारण अलग हो सकते हैं।

रिकॉर्ड ऊंचाई से काफी नीचे आया सोना

इस साल की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने रिकॉर्ड ऊंचाई हासिल की थी, लेकिन इसके बाद कीमतों में तेज सुधार आया। रॉयटर्स के मुताबिक जनवरी 2026 में सोना 5,595 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा था। इसके बाद भू-राजनीतिक परिस्थितियों, महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बदली उम्मीदों के बीच इसमें बड़ी गिरावट आई।

हालिया सर्वे में विश्लेषकों ने 2026 के लिए सोने के औसत भाव का अनुमान भी पहले की तुलना में घटाया है। हालांकि केंद्रीय बैंकों की खरीदारी को लंबी अवधि में सोने के लिए सहारा माना जा रहा है।

आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी?

कीमती धातुओं की कीमतों में कमजोरी के पीछे वैश्विक कारण महत्वपूर्ण हैं। अमेरिका और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव में कमी आने से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग पर दबाव पड़ा है। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

ऊंची ब्याज दरों की उम्मीद सोने और चांदी जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों पर दबाव डाल सकती है। 28 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 0.94 प्रतिशत और चांदी करीब 2 प्रतिशत नीचे बंद हुई थी।

खरीदने का सही मौका या अभी करें इंतजार?

कीमतों में गिरावट के बाद सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बाजार आकर्षक दिखाई दे सकता है, लेकिन उतार-चढ़ाव अभी खत्म नहीं हुआ है। खास तौर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों, डॉलर की चाल, वैश्विक तनाव और औद्योगिक मांग का असर आगे भी कीमतों पर पड़ सकता है।

चांदी में औद्योगिक मांग महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जबकि सोने को केंद्रीय बैंकों की खरीद और सुरक्षित निवेश की मांग से समर्थन मिल सकता है। इसलिए केवल हाल की गिरावट देखकर एकमुश्त बड़ा निवेश करने के बजाय कीमत, जरूरत और जोखिम को ध्यान में रखकर फैसला करना बेहतर होगा। फिलहाल सोना रिकॉर्ड ऊंचाई से काफी नीचे है और बाजार की नजर आने वाले वैश्विक आर्थिक संकेतों पर बनी हुई है।

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