गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसा बयान दिया, जिसने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में गोरखपुर सीट से मौजूदा सांसद Ravi Kishan की जगह किसी महिला उम्मीदवार को मौका दिया जा सकता है। उनका यह बयान भले ही हल्के-फुल्के अंदाज में दिया गया हो, लेकिन इसके राजनीतिक मायने गहरे माने जा रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस-योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकार लगातार महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि 2017 के पहले जहां महिलाओं की कार्यक्षेत्र में भागीदारी 12 प्रतिशत से भी कम थी, वहीं अब यह बढ़कर करीब 36 प्रतिशत हो गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि बदलते समय में महिलाएं शिक्षा और रोजगार के लिए आगे बढ़ रही हैं और सरकार उनकी सुरक्षा व सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
2029 चुनाव और नारी शक्ति कानून
सीएम योगी ने अपने भाषण में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह कानून संसद से पारित हो चुका है और 2029 के चुनाव में इसके लागू होने की संभावना है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे मौजूदा सीटों पर सीधा असर नहीं पड़ेगा, बल्कि महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था की जाएगी।
विकास कार्यों का उद्घाटन भी किया
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बालिका छात्रावास का शिलान्यास किया और साइबर फोरेंसिक रिसर्च लैब का उद्घाटन भी किया। इस छात्रावास में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर माहौल मिल सके।
राजनीतिक संकेत या हल्का मजाक?
सीएम योगी का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग इसे महज एक हल्का मजाक मान रहे हैं, तो वहीं कई इसे भविष्य की रणनीति के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
कुल मिलाकर, गोरखपुर में दिया गया यह बयान सिर्फ महिला सशक्तिकरण का संदेश ही नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों को लेकर संभावित बदलावों की ओर भी इशारा करता नजर आ रहा है।
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