लखनऊ में आयोजित यूपी TEX 2026 कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के हथकरघा और वस्त्र उद्योग की ऐतिहासिक विरासत पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश का वस्त्र उद्योग केवल रोजगार और कारोबार का माध्यम नहीं है, बल्कि इसका संबंध भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक ग्रंथों से भी रहा है। उन्होंने रामायण और महाभारत में वस्त्रों से जुड़े उल्लेखों का हवाला देते हुए यूपी की हजारों वर्षों पुरानी बुनाई परंपरा को रेखांकित किया।
रामायण में रेशमी और पीतांबर वस्त्रों का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने वाराणसी के रेशम की प्राचीन पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि वैदिक साहित्य में हिरण्यवस्त्र यानी सोने के तारों से बुने वस्त्रों का वर्णन मिलता है। रामायण में भगवान राम और माता सीता से जुड़े प्रसंगों में रेशमी तथा पीतांबर वस्त्रों का उल्लेख मिलता है। उन्होंने चित्रकूट और वनवास से जुड़े प्रसंग का भी जिक्र किया, जिसमें माता सीता को दिव्य वस्त्र प्राप्त होने की बात कही गई है।
महाभारत में काशी के वस्त्रों की चर्चा
योगी आदित्यनाथ ने महाभारत के राजसूय यज्ञ का उदाहरण देते हुए बताया कि युधिष्ठिर को काशी के राजा की ओर से रेशमी और सूती वस्त्र उपहार में दिए जाने का उल्लेख मिलता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इससे यह संकेत मिलता है कि काशी और उत्तर भारत के वस्त्रों की प्रतिष्ठा प्राचीन काल में भी काफी व्यापक थी। उन्होंने कहा कि भारतीय कपड़ों की मांग केवल देश तक सीमित नहीं थी, बल्कि रोमन और ग्रीक सभ्यताओं में भी इनकी लोकप्रियता थी।
धार्मिक परंपरा से आज तक कायम रिश्ता
मुख्यमंत्री ने रेशम और पीतांबर वस्त्रों के धार्मिक और राजसी महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि रेशम का इस्तेमाल विशेष अवसरों, धार्मिक अनुष्ठानों और राजघरानों में होता रहा है। आज भी धार्मिक आयोजनों में बनारसी रेशम का इस्तेमाल जारी है। वर्ष 2024 में रामलला के लिए बनारस के भारतीय सिल्क से पीतांबर दुपट्टा तैयार किए जाने का उदाहरण भी सामने आया था।
यूपी में लाखों लोगों की आजीविका
उत्तर प्रदेश की हथकरघा परंपरा आज भी बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका का आधार है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में करीब 1.99 लाख हथकरघा बुनकर और लगभग पांच लाख पावरलूम बुनकर हैं। राज्य देश का तीसरा सबसे बड़ा कपड़ा उत्पादक बताया गया है। बनारसी सिल्क, चिकनकारी, कालीन और पारंपरिक बुनाई यूपी की पहचान को देश-विदेश तक पहुंचाती हैं।
परंपरा को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर
यूपी TEX 2026 में वस्त्र उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने और बुनकरों तथा कारीगरों को नए अवसर देने पर भी जोर रहा। कार्यक्रम के समापन पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश के वस्त्र अब देश और दुनिया के बाजारों तक पहुंच रहे हैं तथा इस क्षेत्र में निवेश भी बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री योगी का संदेश स्पष्ट रहा कि यूपी की प्राचीन हथकरघा विरासत को आधुनिक बाजार, निवेश और तकनीक से जोड़कर इसे आर्थिक ताकत बनाया जा सकता है।
