उत्तर प्रदेश सरकार सीएम योगी ने एक कार्यक्रम के दौरान पूर्ववर्ती सरकारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 2017 से पहले कुपोषित बच्चों के हक पर शराब माफिया का कब्जा था। उन्होंने दावा किया कि उस समय आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए पोषण सामग्री की आपूर्ति का काम माफिया तंत्र के हाथों में था, जिससे योजनाओं का लाभ सही तरीके से जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा था।
माफिया के नियंत्रण में थी सप्लाई व्यवस्था
मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले पोषण आहार की सप्लाई का ठेका ऐसे लोगों को दिया गया था जो कथित तौर पर शराब माफिया से जुड़े थे। इससे न केवल भ्रष्टाचार बढ़ा, बल्कि गरीब और कुपोषित बच्चों को मिलने वाला भोजन भी प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था ने बच्चों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया और योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए।
2017 के बाद सुधार का दावा
सीएम योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद इस पूरी व्यवस्था में बदलाव किया गया। अब आंगनवाड़ी केंद्रों के जरिए बच्चों को नियमित और गुणवत्ता युक्त पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लाखों बच्चों को प्रोटीन और कैलोरी से भरपूर भोजन दिया जा रहा है, जिससे कुपोषण की समस्या से निपटने में मदद मिल रही है।
आंगनवाड़ी प्रणाली को मजबूत करने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने पर भी जोर दिया। नई तकनीकों और संसाधनों के जरिए निगरानी व्यवस्था को बेहतर किया गया है, ताकि बच्चों तक पोषण योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे।
इसके साथ ही कई नई परियोजनाओं की शुरुआत और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी काम किया जा रहा है, जिससे आंगनवाड़ी केंद्र अधिक प्रभावी बन सकें।
विपक्ष पर अप्रत्यक्ष निशाना
सीएम योगी के बयान को राजनीतिक तौर पर भी देखा जा रहा है। उन्होंने बिना नाम लिए पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले योजनाओं का संचालन पारदर्शी नहीं था और माफिया तंत्र हावी था।
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