उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने गोरखपुर (Gorakhpur) के गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और देश की विकास यात्रा को लेकर बड़ा बयान दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि देश को ऐसी ताकतों से सतर्क रहने की जरूरत है, जो भारत की संस्कृति, परंपराओं और प्रगति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने समाज से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि देश के खिलाफ होने वाली गतिविधियों को समझना और समय रहते उनका मुकाबला करना जरूरी है। उन्होंने समाज को बांटने वाली सोच पर भी निशाना साधा।
‘समाज को बांटने वालों के आदर्श बाबर और औरंगजेब’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने अपने संबोधन में बाबर और औरंगजेब का जिक्र करते हुए कहा कि समाज को बांटने वाले लोगों के आदर्श ऐसे ही शासक हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ऐसी गतिविधियों का हिस्सा बन रहे हैं, जिनका उद्देश्य देश में अस्थिरता और अव्यवस्था पैदा करना है।
योगी ने कहा कि ऐसी ताकतों की पहचान करने में लापरवाही समाज के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। उन्होंने लोगों से सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता को मजबूत रखने तथा विभाजन पैदा करने वाली कोशिशों से सावधान रहने की अपील की।
CM Yogi Adityanath ने भारत की प्रगति का किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले वर्षों में भारत ने विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ते हुए दुनिया के कई देशों को पीछे छोड़ा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में भारत दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल होगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक जैसे-जैसे भारत की आर्थिक और वैश्विक ताकत बढ़ेगी, चुनौतियां और प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेंगी।
उन्होंने कहा कि देश में अशांति और अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने वाली ताकतों का उद्देश्य भारत की प्रगति को प्रभावित करना है। इसलिए नागरिकों को देशहित में एकजुट रहने की आवश्यकता है।
CM Yogi Adityanath ने नक्सलवाद और ‘कालनेमि’ का भी दिया उदाहरण
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में नक्सलवाद का उल्लेख करते हुए दावा किया कि करीब 12 वर्ष पहले देश के 120 जिलों में इसका प्रभाव था, जबकि अब स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि ऐसी विचारधाराओं को बढ़ावा देने वाले लोग नए नाम और रूप में सामने आ सकते हैं।
अपनी बात समझाने के लिए योगी ने रामायण के कालनेमि का उदाहरण भी दिया और लोगों को भ्रमित करने वाली ताकतों से सावधान रहने को कहा। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दिए गए इस संबोधन में मुख्यमंत्री ने सनातन परंपरा के सम्मान के साथ सामाजिक एकता और राष्ट्रहित को प्रमुख संदेश बनाया। उन्होंने लोगों से देश की विकास यात्रा में सहयोग करने और किसी भी तरह के विभाजन से दूर रहने का आह्वान किया।
