Posted inउत्तर प्रदेश, न्यूज

जालौर में सिरे मंदिर के 375वें स्थापना समारोह में पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बच्चों और श्रद्धालुओं से बातचीत

Yogi Adityanath in Jalore
जालौर में सिरे मंदिर के 375वें स्थापना समारोह में पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बच्चों और श्रद्धालुओं से बातचीत
News on WhatsAppJoin Now

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने राजस्थान के जालौर जिले में आयोजित सिरे मंदिर के 375वें स्थापना समारोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में दर्शन-पूजन कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु मौजूद रहे।

Sire Mandir राजस्थान के जालौर में कण्याचल पहाड़ियों पर स्थित भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन और आस्था का केंद्र माना जाता है। यह मंदिर अपनी धार्मिक परंपरा और आध्यात्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

Yogi Adityanath की सनातन परंपरा और आध्यात्मिक विरासत पर जोर

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की शक्ति उसकी सांस्कृतिक जड़ों में है। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान केवल भौगोलिक सीमाओं से नहीं बल्कि उसकी समृद्ध संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से बनती है।

योगी ने कहा कि ऐसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल समाज को जोड़ने का काम करते हैं और लोगों को आध्यात्मिक प्रेरणा देते हैं। उन्होंने संतों और महापुरुषों की परंपरा को भारतीय समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताया।

संत परंपरा और आध्यात्मिक साधना का महत्व

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि सिरे मंदिर जैसे स्थान सदियों से साधना और तपस्या की भूमि रहे हैं। यहां कई संत-महात्माओं ने साधना कर समाज को आध्यात्मिक दिशा दी है। उन्होंने कहा कि भारत की संत परंपरा ने हमेशा समाज को एकता, सेवा और त्याग का संदेश दिया है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना सभी की जिम्मेदारी है। अगर समाज अपनी परंपराओं और मूल्यों को सहेजकर रखेगा, तो आने वाली पीढ़ियों को भी उससे प्रेरणा मिलती रहेगी।

Yogi Adityanath ने बच्चों और श्रद्धालुओं से किया संवाद

जालौर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आए विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं से भी मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ संस्कारों को जीवन में अपनाने की सलाह दी। इस दौरान उन्होंने कई विद्यार्थियों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं और कार्यक्रम में मौजूद लोगों का उत्साह बढ़ाया।

विकास और सांस्कृतिक पहचान दोनों जरूरी

अपने भाषण के अंत में योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि भारत का विकास तभी संभव है जब आर्थिक प्रगति के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को भी मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और उसे आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि जालौर की यह पवित्र भूमि और सिरे मंदिर जैसे धार्मिक स्थल देश की आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं और समाज को एक नई दिशा देते हैं।

ALSO READ:मेरठ में पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान फर्जी दस्तावेज के साथ अभ्यर्थी पकड़ा, केस दर्ज