उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर के बहुप्रतीक्षित ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का उद्घाटन किया। यह परियोजना लंबे समय से चर्चा में थी और इसके शुरू होने से राजधानी में यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और लोगों की यात्रा को तेज व सुगम बनाने के उद्देश्य से किया गया है। यह कॉरिडोर गोमती नगर के समतामूलक चौराहे से डालीगंज तक बनाया गया है और आगे के चरणों में इसे अन्य प्रमुख मार्गों से भी जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के शुरू होने से शहर के कई व्यस्त इलाकों में जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है।
हजारों लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
ग्रीन कॉरिडोर का दूसरा चरण करीब 5 से 7 किलोमीटर लंबा मार्ग है, जो शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है। इसके शुरू होने से रोजाना लाखों यात्रियों को फायदा मिलेगा और कई इलाकों के बीच यात्रा का समय 15 से 20 मिनट तक कम हो सकता है।
यह परियोजना लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा तैयार की गई है और पूरे ग्रीन कॉरिडोर की लंबाई लगभग 28 किलोमीटर तक विकसित करने की योजना है, जो शहर के अलग-अलग हिस्सों को एक सिग्नल-फ्री मार्ग से जोड़ने का काम करेगी। इससे पूर्वी और पश्चिमी लखनऊ के बीच आवाजाही और अधिक आसान हो जाएगी।
आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परियोजना
ग्रीन कॉरिडोर को केवल यातायात सुविधा ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखकर भी तैयार किया गया है। सड़क निर्माण के दौरान पेड़ों के संरक्षण और हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह परियोजना शहर में हरित और आधुनिक शहरी विकास के मॉडल के रूप में भी देखी जा रही है।
उद्घाटन के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ तेजी से आधुनिक और रहने योग्य शहर के रूप में विकसित हो रहा है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार शहर की कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है।
लखनऊ के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के शुरू होने से लखनऊ में आवागमन की सुविधा और शहरी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। इससे न केवल शहर के ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी बल्कि व्यापार, निवेश और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह की परियोजनाएं लखनऊ को देश के प्रमुख आधुनिक शहरों की श्रेणी में और मजबूती से स्थापित करेंगी।
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