उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने चैत्र नवरात्रि की अष्टमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना और हवन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। अष्टमी के इस विशेष अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक आस्था का माहौल देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे।
वैदिक मंत्रों के बीच संपन्न हुआ हवन
अष्टमी पूजा के दौरान मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन किया। इस धार्मिक अनुष्ठान में पुरोहितों द्वारा पूरे विधि-विधान से पूजा कराई गई। हवन के दौरान वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु भी पूजा में शामिल होकर आशीर्वाद प्राप्त करते नजर आए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जो गोरखनाथ मंदिर के महंत भी हैं, हर वर्ष नवरात्रि के अवसर पर विशेष पूजा करते हैं। मंदिर में आयोजित यह अनुष्ठान धार्मिक परंपरा और आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
Yogi Adityanath ने प्रदेश की शांति और समृद्धि की प्रार्थना
पूजा-अर्चना के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की खुशहाली, शांति और समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की। उन्होंने देवी शक्ति से आशीर्वाद मांगा कि राज्य में सुख-शांति बनी रहे और सभी लोगों का जीवन बेहतर हो। इस अवसर पर मंदिर में विशेष सजावट की गई थी और भक्तों के लिए व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई थीं। अष्टमी के दिन देवी पूजा का विशेष महत्व होता है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला।
नवरात्रि में धार्मिक परंपराओं का निर्वहन
नवरात्रि के दौरान गोरखनाथ मंदिर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जिसमें अष्टमी पूजा और हवन विशेष महत्व रखते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इन परंपराओं का पालन करते हुए पूजा में भाग लेते हैं।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संदेश भी देता है। गोरखनाथ मंदिर, जो पूर्वांचल का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है, हर साल हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है और नवरात्रि के दौरान यहां विशेष रौनक देखने को मिलती है।
