बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा शुरू किए गए राज्यव्यापी अभियान के तहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को राजधानी पटना में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का नेतृत्व किया। पैदल मार्च के दौरान मुख्यमंत्री अपने हाथों में पार्टी का झंडा थामे नजर आए, जबकि उनके पीछे सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक पार्टी के झंडे और तख्तियां लेकर चल रहे थे।
यह पदयात्रा पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक से शुरू होकर जेपी गोलंबर तक पहुंची, जहां मुख्यमंत्री ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।
अभियान की रूपरेखा: 10 कमिश्नरी मुख्यालयों में पदयात्रा
पहले चरण का कार्यक्रम: भाजपा के इस राज्यव्यापी अभियान का पहला चरण बुधवार से शुरू होकर 5 नवंबर तक चलेगा।
इसके तहत राज्य के सभी 10 प्रमंडलीय (कमिश्नरी) मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन, जन-संवाद और पदयात्राओं का आयोजन किया जाएगा।
अभियान का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस और ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन द्वारा फैलाए जा रहे कथित भ्रामक नैरेटिव और प्रशासनिक व्यवस्था में बाधा डालने के प्रयासों का जवाब देना है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का विपक्ष पर कड़ा प्रहार
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और मर्यादाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया:
आपातकाल की याद दिलाई: उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने देश में आपातकाल थोपकर लोकतंत्र को कुचला और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को छीना, वे आज लोकतंत्र बचाने का ढोंग कर रहे हैं।
1974 के आंदोलन का संदर्भ: उन्होंने याद दिलाया कि 1974 का ऐतिहासिक संपूर्ण क्रांति आंदोलन इसी गांधी मैदान से शुरू हुआ था और आज भी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संकल्प लेने की आवश्यकता है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) विवाद पर जवाब: विपक्ष द्वारा मतदाता सूची से नाम काटे जाने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष ने जिन नामों का मुद्दा उठाया था, वे सभी संबंधित सूची में दर्ज पाए गए। राजनीति तथ्यों और सच्चाई के आधार पर होनी चाहिए, न कि अफवाहों पर।
अमर्यादित भाषा की निंदा: उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार पर विपक्ष की ओर से की गई कथित अभद्र टिप्पणियों की कड़ी निंदा की और कहा कि एक सभ्य समाज में ऐसी भाषा कभी स्वीकार्य नहीं हो सकती।
