उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत के विरोध में लोगों का गुस्सा सड़कों पर देखने को मिला। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समर्थक कैंडल मार्च निकालकर बाबा को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ न्याय की मांग करते नजर आए। हाथों में मोमबत्तियां और पोस्टर लिए लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
फरसा वाले बाबा वाले जाने पूरा मामला
बताया जा रहा है कि ‘फरसा वाले बाबा’, जिनका असली नाम चंद्रशेखर था, उनकी मौत एक सड़क हादसे में हुई। वह कथित तौर पर गोतस्करी की सूचना मिलने पर एक वाहन का पीछा कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आ गए। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और लोगों ने इसे संदिग्ध बताते हुए जांच की मांग उठाई।
कैंडल मार्च में दिखी भावनात्मक एकता
कैंडल मार्च के दौरान लोगों में गहरा भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिला। महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी इसमें शामिल हुए। “बाबा अमर रहें” और “हमें न्याय चाहिए” जैसे नारों के बीच माहौल भावुक हो गया। लोगों ने कहा कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन पर उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि इस मामले में सच्चाई सामने लाने में देरी हो रही है। वहीं पुलिस का कहना है कि घटना की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है।
पहले भी भड़का था आक्रोश
गौरतलब है कि बाबा की मौत के बाद मथुरा समेत कई क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन हुए थे। कई जगहों पर सड़क जाम और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं भी सामने आई थीं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।
न्याय की मांग पर अडिग लोग
फिरोजाबाद में निकाला गया यह कैंडल मार्च केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि न्याय की मांग का प्रतीक बन गया है। लोगों का कहना है कि जब तक इस मामले में दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। यह घटना एक बार फिर समाज में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
Read More : अंतरराष्ट्रीय वन दिवस पर योगी का बड़ा ऐलान, यूपी का हरित क्षेत्र 17% तक बढ़ाने की तैयारी
