भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने 15 फरवरी 2026 को पीटीआई और इंडिया टीवी को एक विस्तृत साक्षात्कार में वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट, देश की रक्षा नीति और मुक्त व्यापार समझौतों (Free Trade Agreements – FTA) पर अपनी सोच साझा की। उन्होंने कहा कि यह बजट किसी लोकलुभावन कदम का परिणाम नहीं बल्कि देश की दीर्घकालिक आर्थिक और सुरक्षा दृष्टि का प्रतिबिंब है।
बजट 2026-27 : विकास और आत्मनिर्भरता को बल
प्रधानमंत्री मोदी ने बजट को “हम तैयार हैं” वाला बजट बताया और कहा कि यह भारत को विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट सिर्फ एक लेखा-जोखा दस्तावेज नहीं बल्कि देश के भविष्य के विकास का रोडमैप है। राजनीतिक स्थिरता और नीति पूर्वानुमान के कारण विदेशी निवेशकों का भारत पर भरोसा बढ़ा है, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
मोदी ने यह भी बताया कि सरकार ने पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) को प्राथमिकता देते हुए बुनियादी ढांचे, विनिर्माण और MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र पर अधिक खर्च किया है ताकि रोजगार सृजन और निर्यात में वृद्धि हो। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की यात्रा में महिलाओं और युवाओं की भूमिका केंद्रीय होगी।
रक्षा सुदृढ़ता और मुक्त व्यापार समझौते
साक्षात्कार में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार देश की रक्षा बलों को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाएगी। रक्षा बजट में वृद्धि और मौजूदा हालात के अनुरूप सैन्य आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भारत हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए।
वहीं, मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बात करते हुए पीएम मोदी ने जानकारी दी कि भारत ने अब तक 38 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जो भारत की आर्थिक ताकत और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को दर्शाते हैं। इन समझौतों का उद्देश्य भारतीय वस्तुओं और सेवाओं के लिए आसान बाजार पहुंच बनाना और एमएसएमई-क्षेत्र को निर्यात-विस्तार के अवसर देना है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्थिरता और मजबूत विनिर्माण एवम सेवा क्षेत्र ने भारत को इन समझौतों पर अपनी शर्तों पर वार्तालाप करने में सक्षम बनाया।
प्रधानमंत्री ने पूर्व संप्रग (UPA) सरकार की व्यापार वार्ताओं की तुलना में अपनी सरकार की ‘रिफॉर्म-एक्सप्रेस’ को अधिक प्रभावी बताया और कहा कि अब भारत विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन चुका है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
साक्षात्कार के बाद कांग्रेस ने इसे “स्क्रिप्टेड PR एक्सरसाइज” कहा, आरोप लगाया कि इससे देश के वास्तविक मुद्दों, जैसे किसानों और मजदूरों की समस्याओं से ध्यान हटाया जा रहा है।
इस तरह प्रधानमंत्री मोदी ने बजट 2026-27, रक्षा क्षेत्र की मजबूती और मुक्त व्यापार समझौते को भारत की दीर्घकालिक विकास रणनीति के हिस्से के रूप में उजागर किया है।
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