भारतीय महिला क्रिकेट टीम (India Women) की अनुभवी बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) ने आखिरकार अपने बल्ले से आलोचकों को जवाब दे दिया है। लंबे समय से रनों के लिए संघर्ष कर रहीं हरमनप्रीत ने जिम्बाब्वे (Zimbabwe) के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करके अपनी फॉर्म में वापसी के संकेत दिए हैं। उन्होंने पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में नहीं,
बल्कि सीरीज के आखिरी टी20 मैच में नाबाद 91 रनों की तूफानी पारी खेली और इसके बाद दूसरे वनडे में शानदार शतक जड़ दिया। खास बात यह है कि इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और घर पर किया गया अभ्यास है। हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) ने खुद बताया कि वह अपनी बल्लेबाजी सुधारने के लिए दिन में तीन बार प्रैक्टिस करती थीं।
घर पर सुबह, दोपहर और शाम करती थीं अभ्यास
हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) ने बताया कि उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में सुधार करने के लिए घर पर काफी समय बिताया। वह सुबह, दोपहर और शाम को तीन अलग-अलग सत्रों में बल्लेबाजी का अभ्यास करती थीं। उनका मानना है कि जितना ज्यादा बल्लेबाजी की जाती है, उतना ही आत्मविश्वास बढ़ता है।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले कुछ समय से उनकी बल्लेबाजी में वह लय नहीं दिख रही थी, जिसकी उनसे उम्मीद की जाती है। इसी कमी को दूर करने के लिए उन्होंने अभ्यास पर विशेष ध्यान दिया। इसके साथ ही उन्होंने अपनी फिटनेस को बेहतर बनाए रखने पर भी जोर दिया। हरमनप्रीत के मुताबिक, घर पर बिताया गया समय अब मैदान पर उनके काम आ रहा है।
जिम्बाब्वे के खिलाफ लगातार दो शानदार पारियां
हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की मेहनत का असर जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज में देखने को मिला। तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उन्होंने 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन बनाए। इसके बाद दूसरे वनडे में 121 गेंदों पर 126 रनों की शानदार पारी खेली।
वनडे मुकाबले में भारतीय टीम (India) की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) और शेफाली वर्मा (Shafali Verma) जल्दी आउट हो गई थीं। ऐसे समय में हरमनप्रीत ने प्रतिका रावल (Pratika Rawal) के साथ 124 रनों की साझेदारी करके पारी को संभाला। बाद में उन्होंने दीप्ति शर्मा (Deepti Sharma) के साथ भी अहम साझेदारी की। भारत ने यह मुकाबला 121 रनों से जीता।
कप्तानी के बाद अब बल्लेबाजी पर पूरा ध्यान
हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) ने हाल ही में तीनों प्रारूपों में भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ दी थी। अब उनका ध्यान अपनी बल्लेबाजी का आनंद लेने और टीम के लिए उपयोगी योगदान देने पर है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट हमेशा से उन्हें खुशी देता रहा है और वह आगे भी बिना अनावश्यक दबाव के खेलना चाहती हैं।
जिम्बाब्वे के खिलाफ उनकी शानदार वापसी ने दिखाया कि लगातार अभ्यास और आत्मविश्वास से मुश्किल दौर से बाहर निकला जा सकता है। अब भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद होगी कि हरमनप्रीत अपनी इस लय को आगामी मुकाबलों में भी बरकरार रखेंगी।
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