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JPSC भर्ती विवाद पर बाबूलाल मरांडी का हेमंत सोरेन पर हमला, CBI जांच की मांग

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झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सीआईडी (CID) जांच के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने परीक्षा में कथित ‘नौकरी बेचे जाने’ के पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है।

पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को लेकर उठाए गंभीर सवाल

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के लैपटॉप बैग से 15 अभ्यर्थियों की एक सूची बरामद हुई है।

उन्होंने दावा किया कि इस सूची में शामिल 15 में से 10 अभ्यर्थी 11वीं से 13वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा पास कर अधिकारी बन चुके हैं।

मरांडी ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी राज्य सरकार उन्हें मुख्य सचिव पद पर सेवा विस्तार (Extension) देना चाहती थी, और जब केंद्र से सहमति नहीं बनी तो उन्हें JPSC का अध्यक्ष बना दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस संरक्षण के तहत भ्रष्ट अधिकारियों की एक नई पौध तैयार की गई, जो राज्य के भविष्य के लिए बेहद घातक है।

“दोषियों को तुरंत पदों से हटाकर जेल भेजें सरकार”

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए बाबूलाल मरांडी ने लिखा कि जांच में अब तक जिनके भी नाम सामने आ चुके हैं, सरकार को उन्हें तत्काल पदों से हटाकर जेल भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे दागी लोग जितने समय पद पर रहेंगे, वे ‘इन्वेस्ट किया गया पैसा’ निकालने और आगे केस लड़ने के लिए जनता व व्यवस्था को ही नुकसान पहुंचाएंगे।

भाजपा युवाओं के हक के लिए लड़ेगी

नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच का एकमात्र जरिया CBI जांच ही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाला चाहे कितना भी बड़ा अधिकारी हो, मुख्यमंत्री आवास से जुड़ा कोई व्यक्ति हो या स्वयं मुख्यमंत्री, भाजपा दोषियों को सजा दिलाने और अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।