महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान हादसे से जुड़ा प्लेन क्रैश मामला अब भी सुर्खियों में बना हुआ है। जनवरी 2026 में बारामती के पास हुए Learjet 45 (VT-SSK) विमान दुर्घटना में पवार और चार अन्य लोग मारे गए थे। इस घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट (Preliminary Investigation Report) को लेकर नवीनतम अपडेट आया है कि यह रिपोर्ट 26 या 27 फरवरी 2026 तक जारी होने की उम्मीद है। इससे हादसे के कारणों पर प्रारंभिक जानकारी मिलने की संभावना है।
क्या है विमान हादसे की जांच प्रक्रिया?
विमान हादसे की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इनवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) के तहत हो रही है। दुर्घटना स्थल से विमान के डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) को सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है, जबकि कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) पर भी विस्तृत तकनीकी परीक्षण जारी है। ये दोनों रिकॉर्डर हादसे के दौरान बहुत अधिक ताप वाला वातावरण झेल चुके थे, लेकिन DFDR डेटा निकालने में सफलता मिली है, जिससे जांच में मदद मिलेगी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, ICAO (International Civil Aviation Organization) के मानकों के अनुसार प्राथमिक रिपोर्ट को हादसे के 30 दिनों के भीतर जारी किया जाता है, इसलिए 27 फरवरी तक रिपोर्ट आने की संभावना जताई गई है। इसके बाद विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जो हादसे के कारणों और तकनीकी चूक का विश्लेषण करेगी।
पारिवारिक और राजनीतिक दबाव
अजीत पवार के बेटे जय पवार ने दुर्घटना के पीछे गंभीर चूक और संभावित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि “ब्लैक बॉक्स इतना आसानी से नष्ट नहीं हो सकता” और इस मामले में निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए। उन्होंने विमान ऑपरेटर VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड पर भी प्रश्न उठाए हैं और उसके संचालन पर रोक की मांग की है।
इसी बीच, कुछ विपक्षी नेताओं ने CBI से जांच कराने की मांग भी उठाई है। उनका तर्क है कि इस हादसे की जांच में राजनीतिक दबाव या किसी पक्षपात की पहचान हो सकती है, इसलिए केंद्रीय जांच एजेंसी को शामिल किया जाना चाहिए।
AAIB रिपोर्ट से क्या अपेक्षा है?
आगामी प्रारंभिक रिपोर्ट हादसे के तकनीकी कारणों, मौसम, रनवे की स्थिति, विमान की तकनीकी स्थिति, और पायलट के निर्णयों के बारे में शुरुआती निष्कर्ष दे सकती है। हालांकि, AAIB ने स्पष्ट किया है कि अभी भी जांच प्रक्रिया जारी है और किसी निष्कर्ष पर जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
विमान हादसे के मामले में जनता, मीडिया और राजनीतिक वर्ग की नजरें अब AAIB की रिपोर्ट पर टिक गई हैं, जो कि इस घटना के रहस्यों को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
