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सड़क परियोजनाओं पर बरसे CM हेमंत सोरेन: नाराजगी के बाद एक्शन में पथ निर्माण विभाग, रांची की सड़कों के कायाकल्प का खाका तैयार

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झारखंड की राजधानी रांची में प्रमुख सड़क परियोजनाओं की धीमी गति पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरी नाराजगी जताई है। मुख्यमंत्री की तल्खी के तुरंत बाद पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार हरकत में आ गए हैं। प्रधान सचिव ने विभागीय और मैदानी अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर रांची जिला प्रशासन तथा जिला भू-अर्जन कार्यालय के साथ बेहतर समन्वय बनाकर निर्माणाधीन व नई स्वीकृत सड़क परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया है।

दीपावली और छठ महापर्व को देखते हुए राजधानी के प्रमुख मार्गों पर सुगम और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्ययोजना लागू करने को कहा गया है।

इन प्रमुख सड़क परियोजनाओं की हुई बिंदुवार समीक्षा

प्रधान सचिव ने रांची शहर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी निर्माणाधीन व नई स्वीकृत परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया:

फोर व टू-लेन कॉरिडोर: खेलगांव से नामकुम आरओबी (ROB) तक फोर एवं टू-लेन सड़क निर्माण।

दुर्गा सोरेन चौक से रामपुर रिंग रोड: नामकुम के दुर्गा सोरेन चौक से रामपुर रिंग रोड तक फोरलेन सड़क चौड़ीकरण।

कांके–चिरौंदी मार्ग: कांके हॉलिडे होम से वाया भीठा और एदलहातु होते हुए बोड़ियो-चिरौंदी मार्ग का निर्माण।

रांची–पुरूलिया मार्ग: नामकुम आरओबी से अनगड़ा सेक्शन तक 17.70 किलोमीटर लंबे मार्ग का सुदृढ़ीकरण।

कनेक्टिंग फ्लाईओवर व लिंक रोड: बहु बाजार से पटेल चौक तक कनेक्टिंग फ्लाईओवर, बिरसा मुंडा एयरपोर्ट (हुंडरू) से हेथु मार्ग, पुदांग डीएवी से हेहल डीएवी और चंदाघासी कोचांग रिंग रोड की समीक्षा।

भू-अर्जन वाली प्रमुख सड़कें: बरियातु-लेम-बड़गाईं-बोड़ियो मार्ग, पंडरा से कांके मार्ग तथा एनएच-23 पर कोदोजोरा मोड़ से घाघरा एवं पांडेपारा होते हुए लोहरदगा मुख्य मार्ग।

मुआवजा वितरण के बाद तुरंत शुरू हो निर्माण

बैठक में यह बात सामने आई कि रांची जिले में जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition), वन भूमि की एनओसी और बिजली के खंभों समेत अन्य आधारभूत संरचनाओं की शिफ्टिंग में देरी होने के कारण परियोजनाओं की रफ्तार थमी हुई है:

प्रधान सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं में रैयतों और प्रभावितों को मुआवजा राशि जारी की जा चुकी है, वहां बिना किसी देरी के तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।

जिन योजनाओं में पुनरीक्षित तकनीकी स्वीकृति (Revised Technical Sanction) की आवश्यकता है, उनके कागजी काम में तत्परता दिखाई जाए ताकि फंड या तकनीकी कारणों से काम न रुके।

सभी जिलाधिकारियों को पत्र: “धीमी गति से बढ़ रही है लागत”

पूरे राज्य में सड़क परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए पथ निर्माण सचिव ने झारखंड के सभी उपायुक्तों/जिलाधिकारियों (DC) को औपचारिक पत्र भेजा है:

नियमित समीक्षा के निर्देश: पत्र में कहा गया है कि विलंब से चल रही सड़क योजनाओं की जिले स्तर पर नियमित और साप्ताहिक समीक्षा की जाए।

लागत में वृद्धि की चिंता: वन भूमि हस्तांतरण और भू-अर्जन में अनावश्यक देरी से परियोजनाओं की लागत (Cost Overrun) बढ़ रही है। इसलिए इन रुकावटों को निश्चित समयावधि के भीतर दूर किया जाए।