बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की अहम बैठक आयोजित की गई। पूरे दो सप्ताह के अंतराल के बाद हुई इस बैठक में सरकार ने विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 43 महत्वपूर्ण एजेंडों पर अपनी औपचारिक मुहर लगाई। इससे पहले 12 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में 23 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी।
इस बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, कानून-व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, नई तकनीकी नीतियों और आधारभूत संरचना से जुड़े कई नीतिगत निर्णय लिए गए।
कैबिनेट बैठक के प्रमुख निर्णय और नीतियां
बिहार एमएसएमई नीति 2026 (MSME Policy):
राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन देने के लिए नई नीति को स्वीकृति दी गई। इसका लक्ष्य राज्य में लगभग 1 करोड़ उद्यमी परिवारों को सशक्त बनाना और स्थानीय स्तर पर व्यापक स्वरोजगार पैदा करना है।
बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पॉलिसी 2026:
सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए एआई पॉलिसी को मंजूरी दी गई, जिससे बिहार को आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और डिजिटल उद्यमों के लिए एक प्रतिस्पर्धी और आकर्षक गंतव्य बनाया जा सके।
औद्योगिक निवेश और रोजगार:
राज्य में नई विनिर्माण व औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से संबंधित प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई, जिससे सैकड़ों कामगारों के लिए सीधे नियोजन के अवसर बनेंगे।
पुलिस व प्रशासनिक सुधार:
कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस बल में पदों के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई।
इसके तहत बिहार पुलिस मुख्यालय हेतु पूर्व में सृजित पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के चार पदों में से एक पद को अनुमंडल पुलिस अधिकारी-2 (SDPO-2), विधि-व्यवस्था भागलपुर के रूप में प्रत्यावर्तित (Re-designate) करने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
सड़क, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा:
विभिन्न जिलों में आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी योजनाओं के बजट आवंटन को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली।
इस कैबिनेट बैठक और उसके प्रमुख फैसलों की लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस व समीक्षा आप Bihar Cabinet Meeting Samrat Chaudhary Decisions पर देख सकते हैं।
यह वीडियो रिपोर्ट कैबिनेट बैठक के तुरंत बाद हुई प्रेस वार्ता और सरकार के 43 एजेंडों के क्रियान्वयन से संबंधित सभी प्राथमिक बिंदुओं को स्पष्ट रूप
से दर्शाती है।
