रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड अंतर्गत बरियातू निवासी युवा महिला अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की हजारीबाग में हुई संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में न्याय की मांग तेज हो गई है। मृतका के पिता सुनील चक्रवर्ती ने बुधवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक भावुक पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
पत्र में पिता की मार्मिक पीड़ा
मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में सुनील चक्रवर्ती ने अपना दर्द बयां करते हुए लिखा:
दिशोम गुरु और सीएम को मानती थी आदर्श: अनुष्का बचपन से ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड आंदोलन के प्रणेता ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन को अपना आदर्श मानती थी और उनसे प्रेरणा लेकर विधि (कानून) के क्षेत्र में आगे बढ़ रही थी।
गहरे सदमे में परिवार: जिस बेटी ने हमेशा जनसेवा और न्याय के पथ पर चलने का सपना देखा, आज उसकी असमय और संदिग्ध मौत के बाद उसके अपने ही परिवार को न्याय की गुहार लगानी पड़ रही है। इस हृदयविदारक घटना से पूरा परिवार गहरे सदमे और आघात में है।
न्याय की पुकार: उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि यह सिर्फ एक पिता या एक परिवार की पीड़ा नहीं है, बल्कि समाज में न्याय और बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर सवाल है।
मुख्यमंत्री से की गईं मुख्य मांगें
निष्पक्ष एवं सख्त जांच: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए किसी उच्चस्तरीय स्वतंत्र एजेंसी या वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में पारदर्शी जांच कराई जाए।
दोषियों पर त्वरित कार्रवाई: मौत के पीछे जो भी व्यक्ति या षड्यंत्रकारी शामिल हैं, उनकी शीघ्र पहचान कर उन्हें सख्त कानूनी सजा दिलाई जाए।
परिवार को सुरक्षा और सहायता: पीड़ित परिवार को लगातार मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए प्रशासन की ओर से उन्हें आवश्यक कानूनी सहायता, सुरक्षा और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
परिवार और स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप के बाद जांच में तेजी आएगी और दिवंगत अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती को समय पर उचित न्याय मिल सकेगा।
