बिहार को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और आधुनिक नवाचारों से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पटना में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सम्राट चौधरी ने ‘बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पॉलिसी-2026’ के प्रारूप की समीक्षा की। इस नीति का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देना है।
नीति के मुख्य बिंदु और प्राथमिकताएं
शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि में प्रयोग: प्रस्तावित ड्राफ्ट के तहत सरकारी सेवाओं की दक्षता बढ़ाने, किसानों को मौसम व फसल प्रबंधन संबंधी सटीक जानकारी उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सेवाओं को दूरदराज के क्षेत्रों तक सुगम बनाने में AI टूल्स का इस्तेमाल किया जाएगा।
कौशल विकास और रोजगार: राज्य के युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल (AI-ready skills) से लैस करने की योजना है, जिससे तकनीकी क्षेत्र में बिहार के युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा हो सकें।
हर साल बड़ा AI सम्मेलन: तकनीक के विस्तार और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अगले पांच वर्षों तक राज्य में हर साल एक बड़े AI कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ, टेक कंपनियां और छात्र शामिल होंगे।
समर्पित टीम का गठन: नीति के क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स/टीम गठित करने का निर्देश दिया गया है।
सूचना तंत्र और बुनियादी ढांचे की भी समीक्षा
इसी क्रम में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) के कामकाज की भी समीक्षा की गई। सरकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक सरल भाषा में पहुंचाने, सोशल मीडिया फीडबैक पर त्वरित निगरानी रखने और भ्रामक खबरों (फेक न्यूज) से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, राज्य के नवसृजित 211 डिग्री कॉलेजों के आधुनिक भवन निर्माण और संरचनात्मक ढांचे की प्रगति का भी जायजा लिया गया।
