भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) की रणनीति को लेकर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर शेन वॉटसन (Shane Watson) ने सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि टीम इंडिया में लगातार बदलाव और बल्लेबाजी क्रम के साथ बार-बार प्रयोग करने से खिलाड़ियों का प्रदर्शन प्रभावित हो रहा है। वॉटसन के इस बयान ने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। खासकर वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम की हार के बाद उनकी यह टिप्पणी चर्चा में आ गई है।
बार-बार बदलाव को बताया टीम की बड़ी समस्या
शेन वॉटसन (Shane Watson) के मुताबिक, भारतीय टीम में बल्लेबाजी क्रम को लगातार बदलना और खिलाड़ियों को टीम में अंदर-बाहर करना निरंतरता की कमी की बड़ी वजह है। उनका मानना है कि जब किसी खिलाड़ी को अपनी भूमिका और बल्लेबाजी क्रम को लेकर स्पष्टता नहीं होती, तो उसके लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना मुश्किल हो जाता है।
वॉटसन ने कहा कि गंभीर के कार्यकाल में टीम इंडिया के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इसके पीछे खिलाड़ियों और बल्लेबाजी क्रम में बार-बार बदलाव करना एक अहम कारण हो सकता है। उन्होंने भारतीय टीम को अपनी रणनीति में थोड़ी स्थिरता लाने की सलाह दी।
गंभीर की तारीफ भी कर चुके हैं Shane Watson
हालांकि, शेन वॉटसन (Shane Watson) ने गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) की केवल आलोचना ही नहीं की। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि गंभीर ने भारतीय टीम में कई सकारात्मक बदलाव किए हैं। खास तौर पर खिलाड़ियों का समर्थन करने की उनकी नीति की वॉटसन ने सराहना की।
उन्होंने संजू सैमसन (Sanju Samson) का उदाहरण देते हुए कहा कि गंभीर ने मुश्किल समय में उनका साथ दिया और उन्हें अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिला। संजू ने भी टी20 विश्व कप के अंतिम चरण में शानदार प्रदर्शन करके भरोसे को सही साबित किया था। वॉटसन के मुताबिक, गंभीर की इस तरह की रणनीति के कई सकारात्मक पहलू भी हैं।
टीम इंडिया को किस बदलाव की जरूरत?
वॉटसन का मानना है कि भारतीय टीम के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है। बल्लेबाजी में भारत के पास इतने विकल्प हैं कि दूसरी मजबूत टीम तैयार की जा सकती है। लेकिन केवल प्रतिभा के दम पर हर मुकाबले में निरंतर प्रदर्शन करना आसान नहीं होता।
उनके अनुसार, खिलाड़ियों को अपनी भूमिका समझने और टीम में जगह पक्की करने के लिए पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। जरूरत के मुताबिक बदलाव करना क्रिकेट का हिस्सा है, लेकिन लगातार प्रयोग खिलाड़ियों की लय बिगाड़ सकते हैं।
वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 249 रन बनाए थे, लेकिन शाई होप (Shai Hope) और शेरफेन रदरफोर्ड (Sherfane Rutherford) की शानदार पारियों के दम पर वेस्टइंडीज ने लक्ष्य हासिल कर लिया। इस हार के बाद भारतीय टीम की रणनीति और गेंदबाजी पर भी सवाल उठे हैं। अब देखना होगा कि आगामी मुकाबलों में गंभीर की टीम किस तरह वापसी करती है।
