उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार किसानों को बीज से लेकर बाजार तक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। सरकार का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, खेती की लागत कम करना और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार हैं। उनके अधिकारों की रक्षा और खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़ी उपलब्धियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए काम कर रही हैं।
2017 के बाद किसानों को मिल रही हैं बेहतर सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय किसानों को कर्ज, आर्थिक परेशानियों और बिचौलियों की समस्याओं का सामना करना पड़ता था। उनके अनुसार, अब किसानों को उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएं, न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण बताया। इसके माध्यम से सरकारी सहायता की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई जाती है। सरकार का कहना है कि इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है और किसानों को उनकी उपज का भुगतान प्राप्त करने में सहायता मिली है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लंबे समय से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों को खेती के लिए पानी उपलब्ध कराने और कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
धान खरीद, भुगतान और कृषि विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, उत्तर प्रदेश देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में लगभग 21 प्रतिशत योगदान देता है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है। साथ ही, दूध, गन्ना और गेहूं के उत्पादन में उत्तर प्रदेश को देश में अग्रणी बताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच प्रदेश में 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान की खरीद की गई। इस दौरान किसानों को 1,03,833 करोड़ रुपये से अधिक का सीधा भुगतान किए जाने का दावा भी किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि इस बार धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 71 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। सरकार के अनुसार, इस कदम से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में मदद मिलेगी।
कृषि क्षेत्र में इन पहलों का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचना महत्वपूर्ण है। उन्नत बीज, पर्याप्त सिंचाई, समय पर भुगतान और बेहतर बाजार उपलब्धता से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। आने वाले समय में योजनाओं का प्रभाव और किसानों की आय में होने वाला बदलाव महत्वपूर्ण रहेगा।
