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रील में लाइक्स मिलते हैं, मैदान में लाइफ’: युवाओं के रील पर समय गंवाने पर सीएम योगी ने जताया दुख, दी बड़ी सलाह

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लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस में कुशल खिलाड़ी कोटे के तहत चयनित 470 खेल प्रतिभाओं के नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग पर गंभीर चिंता व्यक्त की। युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देखकर अत्यंत दुख होता है कि आज की युवा पीढ़ी रील्स देखने और बनाने में प्रतिदिन घंटों बर्बाद कर रही है। उन्होंने युवाओं को आभासी दुनिया से बाहर निकलने की सीख देते हुए कहा कि रील से केवल कुछ क्षणिक ‘लाइक्स’ मिल सकते हैं, जबकि खेल का मैदान एक वास्तविक और सफल ‘लाइफ’ प्रदान करता है।

जर्सी से खाकी वर्दी तक का गौरवशाली सफर

समारोह में चयनित खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से आपकी “जर्सी से वर्दी” की नई और महत्वपूर्ण यात्रा प्रारंभ हो रही है। जिस प्रकार खेल के मैदान में पसीना बहाकर, पारिवारिक समस्याओं और चुनौतियों को दरकिनार करते हुए खिलाड़ियों ने सफलता हासिल की है, उसी समर्पण व ईमानदारी की अपेक्षा अब पुलिस विभाग में वर्दी पहनकर जनता की सेवा के दौरान भी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति किसी सिफारिश का नहीं, बल्कि युवाओं के कठोर परिश्रम और पारदर्शी चयन प्रणाली का परिणाम है।

डिजिटल भटकाव और वास्तविक जीवन में अंतर

वर्तमान समय में सोशल मीडिया पर बढ़ते स्क्रीन टाइम को रेखांकित करते हुए सीएम योगी ने युवाओं को आत्ममंथन करने का सुझाव दिया। विभिन्न अध्ययनों के अनुसार छात्र अपने दैनिक स्क्रीन समय का 40 से 60 प्रतिशत हिस्सा केवल शॉर्ट वीडियो देखने में व्यतीत कर देते हैं, जिससे न केवल उनका समय नष्ट होता है बल्कि एकाग्रता भी प्रभावित होती है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि युवाओं को अब स्वयं तय करना होगा कि उन्हें मोबाइल की स्क्रीन पर केवल ‘लाइक्स’ बटोरने हैं या जमीन पर मेहनत करके अपने करियर और जीवन को वास्तविक ऊंचाई पर ले जाना है।

सिफारिशी तंत्र के खात्मे और ‘नौकरी देंगे एलायंस’ पर जोर

पिछली व्यवस्थाओं पर प्रहार करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले प्रदेश में भाई-भतीजावाद और सिफारिश का बोलबाला था, जिसने युवाओं के सामने पहचान का गंभीर संकट खड़ा कर दिया था। पहले नौकरियों पर डकैती डाली जाती थी, लेकिन आज पूरी व्यवस्था पारदर्शी है। उन्होंने एनडीए को “नौकरी देंगे एलायंस” बताते हुए कहा कि पहले उत्तर प्रदेश की पहचान अपराध और मर्डर से जोड़ी जाती थी, वहीं आज राज्य के प्रतिभाशाली नौजवान देश और दुनिया में मेडल जीतकर प्रदेश का मान बढ़ा रहे हैं। सरकार खिलाड़ियों को हर स्तर पर सुरक्षित भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है।