उत्तर प्रदेश में बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों और निर्माणाधीन परियोजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के कामकाज की समीक्षा की। समीक्षा में बारिश से खराब हुई सड़कों की मरम्मत, उन्हें गड्ढामुक्त करने, अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने और आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
65 हजार किमी से ज्यादा सड़कें प्रभावित
हालिया विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में बारिश के कारण करीब 65,093 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनमें PWD की 47,019 किलोमीटर सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा नगर विकास, मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई और अन्य विभागों के अधीन आने वाली सड़कें भी प्रभावित हुई हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक अब तक करीब 12,228 किलोमीटर हिस्से में मरम्मत या गड्ढा भरने का काम पूरा किया गया है।
त्योहारों से पहले गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य
सरकार का फोकस आगामी त्योहारों से पहले प्रमुख सड़कों को आवागमन के लिए बेहतर बनाने पर है। अधिकारियों को क्षतिग्रस्त हिस्सों की पहचान कर तेजी से मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों की मरम्मत की प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए PWD स्तर पर टीम भी बनाई गई है।
केवल पैचवर्क तक सीमित नहीं रहेगा अभियान
मुख्यमंत्री ने पहले ही स्पष्ट किया था कि गड्ढामुक्त सड़क अभियान केवल अस्थायी पैचवर्क तक सीमित नहीं होना चाहिए। जहां सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त है, वहां पहले उसे तत्काल आवागमन योग्य बनाया जाए और बारिश समाप्त होने के बाद जरूरत के अनुसार स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।
पुराने अधूरे प्रोजेक्ट भी समीक्षा में
27 सितंबर की समीक्षा में वित्तीय वर्ष 2023-24 से पहले स्वीकृत 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली अधूरी परियोजनाओं के लिए संशोधित कार्ययोजना पर भी चर्चा प्रस्तावित थी। इसके साथ ही 2027-28 में शुरू किए जाने वाले नए कार्यों की कार्ययोजना और 2026-27 में आवंटित धनराशि के खर्च की स्थिति भी समीक्षा के दायरे में रखी गई।
निर्माण की गुणवत्ता पर भी निगरानी
सड़कों की गुणवत्ता को लेकर भी सरकार ने अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा है। इससे पहले चित्रकूट के पास श्रीराम वन गमन मार्ग में आई दरारों के मामले में मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जताई थी और मार्ग को शीघ्र ठीक कराने के निर्देश दिए थे। संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई की प्रक्रिया का भी उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है।
बारिश से हुए नुकसान की लगातार निगरानी
लगातार बारिश के कारण सड़कों को हुए नुकसान का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है। अधिकारियों के सामने चुनौती तत्काल आवागमन बहाल करने के साथ-साथ स्थायी सुधार सुनिश्चित करने की है। भारी वाहनों की आवाजाही और जलभराव जैसे कारणों से प्रभावित मार्गों की भी पहचान की जा रही है।
नई परियोजनाओं और बजट पर भी नजर
सड़क मरम्मत के साथ सरकार का ध्यान नई निर्माण परियोजनाओं और मौजूदा योजनाओं के बजट उपयोग पर भी है। समीक्षा प्रक्रिया के जरिए विभागों से काम की प्रगति, खर्च और समयसीमा का विवरण लिया जा रहा है। आने वाले महीनों में इन परियोजनाओं की प्रगति और सड़क मरम्मत अभियान के परिणाम पर विशेष नजर रहेगी।
