उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश और आकाशीय बिजली से हुए जान-माल, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में जाकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बारिश और आकाशीय बिजली से हुए नुकसान का 24 घंटे के भीतर आकलन कर प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने को कहा गया है।
फील्ड में उतरेंगे वरिष्ठ अधिकारी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रभावित इलाकों में जाकर हालात का जायजा लें। जनहानि, पशुहानि और संपत्ति के नुकसान से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई करने तथा राहत-बचाव अभियान की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने को कहा गया है।
24 घंटे में मुआवजे के निर्देश
बारिश और आकाशीय बिजली से प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने नुकसान का आकलन 24 घंटे में पूरा करने और पात्र प्रभावित परिवारों तक मुआवजा पहुंचाने के निर्देश दिए। राज्य के राहत आयुक्त कार्यालय की वेबसाइट पर भी सितंबर में विभिन्न आपदाओं और बाढ़ से प्रभावित परिवारों तथा किसानों के लिए राज्य आपदा मोचक निधि से धन आवंटन से जुड़े आदेश दर्ज हैं।
जर्जर मकानों में रहने वालों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं
बाद में जारी निर्देशों में प्रशासन से जर्जर मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया। जरूरत पड़ने पर ऐसे लोगों को नजदीकी राहत शिविर या सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के निर्देश हैं, ताकि भारी बारिश या अचानक जलभराव की स्थिति में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मुख्यमंत्री ने आम लोगों से भी खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने आकाशीय बिजली और अतिवृष्टि के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने को कहा। इसके अलावा भारी बारिश के दौरान नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों में स्नान करने से बचने तथा प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
रेड अलर्ट वाले जिलों में स्कूल बंद
मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कई जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला किया। 26 सितंबर को लखनऊ में कक्षा एक से 12वीं तक, प्रयागराज में प्री-प्राइमरी से आठवीं तक और कानपुर में 12वीं तक के विद्यालय बंद रखे गए। इससे पहले 25 सितंबर को अयोध्या में भी नर्सरी से इंटरमीडिएट तक स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया था।
27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने का अनुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर राज्य प्रशासन ने 27 सितंबर तक सतर्कता बनाए रखने को कहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई थी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भी भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई।
राहत और बचाव कार्यों पर विशेष निगरानी
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिलाधिकारियों और राहत विभाग के अधिकारियों को मौसम संबंधी चेतावनियां लोगों तक पहुंचाने और संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। प्रशासन का जोर प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता, सुरक्षित स्थान और नुकसान की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत मुआवजा उपलब्ध कराने पर है।
