गोरखपुर में विश्वकर्मा पूजनोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान विश्वकर्मा को नमन करते हुए प्रदेश के कारीगरों, शिल्पकारों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की परंपरा भारत के निर्माण और सृजन की परंपरा से जुड़ी है। ऐसे में विश्वकर्मा जयंती केवल पूजा का अवसर नहीं, बल्कि श्रम, कौशल और तकनीक के सम्मान का दिन भी है।
CM योगी का हुनर को विकास से जोड़ने पर जोर
सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश के विकास में कारीगरों और युवाओं की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश का निर्माण केवल बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से नहीं होता, बल्कि वहां के लोगों के कौशल, मेहनत, उद्यमिता और नए विचारों से भी होता है।
प्रदेश सरकार की ओर से पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आगे बढ़ाने के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद-एक उत्पाद (ODOP) और उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य हुनरमंद लोगों को प्रशिक्षण, उपकरण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ना है।
‘वोकल फॉर लोकल’ पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील करते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों के उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने से रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
गोरखपुर में मुख्यमंत्री की मौजूदगी के दौरान विकास परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रम भी हुए। इससे पहले 16 सितंबर को उन्होंने जंगल नकहा नंबर-2 में करीब 3.08 करोड़ रुपये की लागत से बने कल्याण मंडपम का लोकार्पण किया। यह गोरखपुर का आठवां कल्याण मंडपम है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं के रोजगार को भी प्रमुखता दी। उन्होंने अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की बात कही, जिसमें पुलिस और होमगार्ड विभाग में बड़ी संख्या में भर्तियां शामिल हैं।
विश्वकर्मा पूजनोत्सव के मौके पर सीएम योगी का संदेश कौशल, श्रम, स्थानीय उत्पाद और रोजगार को प्रदेश के विकास से जोड़ने पर केंद्रित रहा।
