लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता का भरोसा सबसे महत्वपूर्ण है। इस विश्वास को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि लोक सेवक अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें।
अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की जरूरत: योगी आदित्यनाथ
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों और लोक सेवकों की कार्यशैली को लेकर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर मनमानी या उद्दंडता की स्थिति को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। प्रशासन में काम करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होना जरूरी है, ताकि जनता को सरकारी व्यवस्थाओं का लाभ बिना अनावश्यक परेशानी के मिल सके।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। व्यवस्था का उद्देश्य आम नागरिक को वास्तविक राहत पहुंचाना होना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों के कामकाज की प्रभावी निगरानी और जवाबदेही आवश्यक है।
पीडीएस में हेराफेरी पर रोक लगाने की बात
मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में ऐसी कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए, जिसका फायदा उठाकर सरकारी राशन में हेराफेरी की जा सके। तकनीक और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया जाना चाहिए।
उनका कहना था कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी दिखाई देगा, जब व्यवस्था में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की संभावना को न्यूनतम किया जाए।
जमीन की पैमाइश में तकनीक बनेगी मददगार
सीएम योगी ने जमीन की पैमाइश से जुड़े मामलों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की आवश्यकता भी बताई। उनका मानना है कि तकनीकी साधनों के प्रयोग से जमीन संबंधी विवादों को कम करने के साथ-साथ बिचौलियों और दलालों के हस्तक्षेप पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
उन्होंने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अगले 50 वर्षों के लिए मजबूत और व्यावहारिक रोडमैप तैयार करने पर भी जोर दिया। इसका उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनकेंद्रित बनाना है।
मुख्यमंत्री के संदेश का केंद्र यही रहा कि सुशासन की सफलता केवल नीतियां बनाने से नहीं, बल्कि उन्हें ईमानदारी से जमीन पर लागू करने और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने से तय होती है। जनता का भरोसा कायम रखना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
