उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। लखनऊ स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में हुई मैराथन बैठक में चुनावी रणनीति, विपक्ष के नैरेटिव और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में पार्टी ने ‘अखिलेश से बेहतर योगी’ के नैरेटिव को चुनावी अभियान में प्रमुखता देने पर विचार किया।
विकास और कानून-व्यवस्था पर जोर
करीब चार घंटे चली बैठक में भाजपा नेताओं ने सुझाव दिया कि विपक्ष के आरोपों में उलझने के बजाय सरकार के कामकाज को जनता के सामने तथ्यों के साथ रखा जाए। खास तौर पर कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, सड़क, बिजली, जनसुविधाओं, औद्योगिक विकास और रोजगार से जुड़े कार्यों को चुनावी मुद्दा बनाने पर जोर दिया गया।
पार्टी नेताओं का मानना है कि विपक्ष की ओर से सरकार के खिलाफ बनाए जा रहे नैरेटिव का जवाब सोशल मीडिया और जमीनी संवाद के जरिए दिया जाना चाहिए।
PDA के जवाब में BJP की रणनीति
बैठक में समाजवादी पार्टी के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक केंद्रित राजनीतिक नैरेटिव पर भी चर्चा हुई। भाजपा नेताओं ने इसके जवाब में सामाजिक समीकरणों को साधने और व्यापक हिंदू समाज की एकजुटता के संदेश को आगे बढ़ाने की रणनीति पर विचार किया।
इसके अलावा स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं को लेकर भी संगठन के भीतर चिंता सामने आई। थानों और तहसीलों में सुनवाई नहीं होने तथा अधिकारियों द्वारा पार्टी कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुने जाने को सुधारने की जरूरत बताई गई।
संगठन को मिला चुनावी टास्क
बैठक में राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष और प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े समेत वरिष्ठ नेताओं ने पदाधिकारियों से चुनावी तैयारियों को लेकर सुझाव लिए। प्रदेश महामंत्रियों को सेवा संकल्प अभियान को सफल बनाने के साथ विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का निर्देश दिया गया।
भाजपा अब सरकार के कामकाज, संगठन की सक्रियता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को केंद्र में रखकर 2027 की चुनावी जमीन मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है।
