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गोमती पुस्तक महोत्सव 2026 का आज आगाज, CM योगी करेंगे उद्घाटन, 250 स्टॉल और खास कार्यक्रम होंगे आकर्षण

CM Yogi Adityanath Gomati
गोमती पुस्तक महोत्सव 2026 का आज आगाज, CM योगी करेंगे उद्घाटन, 250 स्टॉल और खास कार्यक्रम होंगे आकर्षण
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लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार, 12 सितंबर से नौ दिवसीय गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 10:45 बजे महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत की ओर से आयोजित इस आयोजन में साहित्य, विज्ञान, कला और संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। महोत्सव 20 सितंबर तक चलेगा।

121 प्रकाशक लगाएंगे करीब 250 स्टॉल

इस बार गोमती पुस्तक महोत्सव में 121 प्रकाशकों की ओर से करीब 250 स्टॉल लगाए जाएंगे। यहां हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी समेत विभिन्न भारतीय भाषाओं की हजारों किताबें पाठकों को उपलब्ध होंगी। आयोजन में प्रवेश निशुल्क रखा गया है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की किताबों पर 10 प्रतिशत तक की छूट भी मिलने की जानकारी दी गई है।

बच्चों और युवाओं के लिए खास आयोजन

महोत्सव में बच्चों और युवाओं को किताबों से जोड़ने के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। बच्चों के लिए अलग बाल मंडप तैयार किया गया है, जहां कठपुतली, नाटक और कहानी सुनाने जैसे कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा वैदिक गणित, रचनात्मक लेखन, मिट्टी कला, पुस्तक निर्माण, कविता पाठ और अन्य कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी।

शुभांशु शुक्ला से संवाद करेंगे विद्यार्थी

इस बार महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ विद्यार्थियों का विशेष संवाद होगा। 15 सितंबर को ‘धरती से अंतरिक्ष तक : सपनों की उड़ान’ विषय पर वह बच्चों और युवाओं से बातचीत करेंगे। इसके अलावा अलग-अलग दिनों में साहित्यकारों, कलाकारों और अन्य क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

किताबों के साथ संस्कृति और रचनात्मकता का संगम

गोमती पुस्तक महोत्सव को केवल किताबों की बिक्री तक सीमित नहीं रखा गया है। यहां साहित्यिक चर्चाओं के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, रचनात्मक गतिविधियां और विभिन्न विषयों पर संवाद सत्र भी होंगे। आयोजन का उद्देश्य बच्चों, युवाओं और आम पाठकों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना तथा पुस्तक संस्कृति को मजबूत करना है।

राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय भी बनेगा आकर्षण

महोत्सव में आने वाले पाठकों को राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय की सुविधा से भी परिचित कराया जाएगा। इसके जरिए भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हजारों ई-पुस्तकों तक निशुल्क पहुंच की सुविधा मिलेगी। इस पहल से पारंपरिक पुस्तकों के साथ डिजिटल पुस्तक संस्कृति को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करने पर जोर

गोमती पुस्तक महोत्सव लखनऊ को साहित्य और ज्ञान के प्रमुख केंद्र के रूप में मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी इस महोत्सव के माध्यम से बच्चों और युवाओं में अच्छी किताबें पढ़ने की आदत विकसित करने पर जोर दे चुके हैं। इस बार भी नौ दिनों तक चलने वाला आयोजन पुस्तक प्रेमियों, विद्यार्थियों और परिवारों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है।

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