उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की नीतियों से वस्त्र उद्योग को नई गति मिल रही है। वस्त्र उद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि निवेश अनुकूल माहौल, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और सरकारी प्रोत्साहन से प्रदेश में उद्योगों का विस्तार हो रहा है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश से करीब 35 हजार करोड़ रुपये का हस्तशिल्प निर्यात हुआ। वहीं दो लाख से अधिक हथकरघा बुनकर इस क्षेत्र से जुड़े हैं। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख वस्त्र केंद्रों में शामिल करना है।
5,354 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मंजूर
राकेश सचान के अनुसार वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 5,354 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। वर्ष 2017 और 2022 की वस्त्र नीतियों के तहत करीब 116 निवेशकों को 322 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया गया है।
उद्यमियों को पूंजीगत सब्सिडी, शत-प्रतिशत स्टांप शुल्क में छूट और 60 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। इसके अलावा जमीन आवंटन और बिजली से जुड़ी रियायतों का भी लाभ दिया जा रहा है।
निर्यात और कारोबार को मिल रहा बढ़ावा
प्रदेश के वस्त्र और हस्तशिल्प उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिल रही है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों में भाग लेने वाले उद्यमियों को 90 प्रतिशत तक सब्सिडी देने की व्यवस्था की गई है।
इससे छोटे और मध्यम उद्यमियों को अपने उत्पाद बड़े बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल रही है। सरकार बुनकरों को डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल विपणन के क्षेत्र में भी सहयोग दे रही है।
17 उत्पादों को मिल चुका जीआई टैग
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक उत्पाद प्रदेश की पहचान बन चुके हैं। वाराणसी की रेशमी साड़ी, लखनऊ की चिकनकारी, भदोही-मिर्जापुर की कालीन, पिलखुवा के घरेलू वस्त्र, मेरठ के खेल परिधान और फर्रुखाबाद की वस्त्र छपाई को विशेष पहचान मिली है।
प्रदेश के 17 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हो चुका है। इससे स्थानीय कारीगरों और बुनकरों के उत्पादों को बाजार में अलग पहचान मिल रही है।
एक हजार एकड़ में बन रहा पीएम मित्र पार्क
लखनऊ-हरदोई के बीच एक हजार एकड़ क्षेत्र में पीएम मित्र पार्क विकसित किया जा रहा है। सरकार इसके लिए 1,100 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
पार्क में छह लेन सड़क, बिजली और पानी की सुविधाएं पहुंचाई जा चुकी हैं। इसके मास्टर डेवलपर का चयन भी हो चुका है। इस परियोजना से बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियां और रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
पांच स्थानों पर टेक्सटाइल पार्क की तैयारी
योगी सरकार ने प्रदेश में 10 टेक्सटाइल पार्क विकसित करने का लक्ष्य रखा है। अमरोहा, बिजनौर, संत कबीर नगर, बरेली और बनारस में शिल्प पार्क के लिए जमीन उपलब्ध हो चुकी है।
करीब 400 एकड़ क्षेत्र में उद्यमियों को निवेश के अवसर मिलेंगे और उन्हें सस्ती दरों पर जमीन उपलब्ध कराने की तैयारी है। कानपुर समेत अन्य क्षेत्रों में भी टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग पार्क के लिए जमीन चिन्हित की जा रही है।
2027 की नीति में उद्यमियों की राय
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में बनने वाली नई वस्त्र नीति में उद्यमियों के सुझावों को शामिल किया जाएगा। प्रदेश की 25 करोड़ से अधिक आबादी वाले घरेलू बाजार और बढ़ते पर्यटन को देखते हुए वस्त्र एवं एक जिला एक उत्पाद क्षेत्र में निवेश की बड़ी संभावनाएं हैं। सरकार इन अवसरों के जरिए निवेश, रोजगार और निर्यात को और बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
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