उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में आयोजित ‘पंचायत आजतक’ कार्यक्रम में प्रदेश के विकास और राजनीतिक बदलाव को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि यूपी की समस्या उसकी क्षमता नहीं, बल्कि उस समय शासन करने वाली मानसिकता थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के पास प्राकृतिक संसाधन, उपजाऊ भूमि, जल संसाधन, समृद्ध विरासत, बड़ी युवा आबादी और विशाल बाजार पहले से मौजूद थे, लेकिन इन संभावनाओं का पर्याप्त उपयोग नहीं किया गया।
‘बीमारू यूपी नहीं, बीमार मानसिकता थी’
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को लंबे समय तक ‘बीमारू’ राज्य के रूप में देखा गया, जबकि वास्तव में प्रदेश की क्षमताओं में कोई कमी नहीं थी। उनके अनुसार, 2017 से पहले शासन करने वाली नीतियों और सोच ने राज्य की संभावनाओं को समस्या के रूप में देखा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने इस दृष्टिकोण को बदलकर चुनौतियों में अवसर तलाशने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि यूपी के पास देश की सबसे बड़ी युवा आबादी में से एक है और यहां पर्यटन, उद्योग, कृषि तथा व्यापार की व्यापक संभावनाएं हैं। ब्रज क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को पर्यटन की संभावनाओं से जोड़ने की बात कही। जन्माष्टमी, बरसाना की होली, गोवर्धन और 84 कोसी परिक्रमा जैसे आयोजनों का उल्लेख भी उन्होंने किया।
सुरक्षा और निवेश को बताया विकास की पहली शर्त
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निवेश के माहौल पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसी भी निवेश के लिए सबसे पहले सुरक्षा जरूरी है। इसके बाद स्पष्ट नीति और पारदर्शी व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। योगी ने सिंगल विंडो प्रणाली का उल्लेख करते हुए कहा कि निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया है।
उन्होंने 2017 से पहले की स्थिति पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस समय माफिया, दंगाइयों और पेशेवर अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलता था। मुख्यमंत्री के मुताबिक ऐसी परिस्थितियों का असर प्रदेश की छवि और निवेश के वातावरण पर पड़ा। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने कानून-व्यवस्था को विकास के साथ जोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की है।
युवाओं और शिक्षा पर भी गिनाईं उपलब्धियां
सीएम योगी ने रोजगार और शिक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी नौकरी की प्रक्रिया को लेकर युवाओं में अनिश्चितता रहती थी। उनके अनुसार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता पर अब अधिक जोर दिया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले कई सरकारी स्कूलों में भवन, शिक्षक, शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। सरकार ने स्कूलों के आधारभूत ढांचे को सुधारने के लिए अभियान चलाया और जनप्रतिनिधियों व पुरातन छात्रों से भी विद्यालयों को सहयोग देने की अपील की।
‘बॉटम थ्री’ से टॉप थ्री का दावा
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से यूपी को देश की अर्थव्यवस्था के ‘बॉटम थ्री’ से निकालकर ‘टॉप थ्री’ में लाने की दिशा में काम हुआ है। उन्होंने प्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था का प्रमुख ‘ग्रोथ इंजन’ बनाने की बात कही।
योगी ने कहा कि प्रदेश की बड़ी आबादी को बोझ नहीं, बल्कि डेमोग्राफिक डिविडेंड के रूप में देखने की जरूरत है। युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और स्टार्टअप से जोड़ने की दिशा में सरकार की नीतियों का उन्होंने उल्लेख किया।
