Posted inन्यूज, उत्तर प्रदेश, राजनीति

जापानी छात्रों से मिले सीएम योगी, बोले- आप दोनों देशों के भविष्य के राजदूत

News on WhatsAppJoin Now

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारत-जापान दोस्ती की एक खास तस्वीर देखने को मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री आवास पर जापान के यामानाशी प्रांत से आए छात्रों से मुलाकात की। यह कार्यक्रम ‘ए डायलॉग विद द फ्यूचर’ के तहत आयोजित किया गया, जिसमें जापानी छात्रों और लखनऊ के विद्यार्थियों ने एक-दूसरे से संवाद किया। कार्यक्रम में यामानाशी के गवर्नर कोटारो नागासाकी भी मौजूद रहे।

जापानी छात्रों ने ली सीएम योगी के साथ सेल्फी

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान जापानी छात्र काफी उत्साहित नजर आए। छात्रों ने सीएम योगी के साथ सेल्फी भी ली। इस दौरान औपचारिक कूटनीतिक माहौल के बजाय बच्चों के बीच दोस्ताना संवाद और उत्साह देखने को मिला। यह मुलाकात भारत और जापान के बीच बढ़ते संबंधों में युवा पीढ़ी की भूमिका को दर्शाने वाली रही।

‘ओहायो गोजाइमासु’ से किया स्वागत

सीएम योगी ने जापानी छात्रों और उनके फैकल्टी सदस्यों का स्वागत जापानी अभिवादन ‘ओहायो गोजाइमासु’ से किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश की संस्कृति और पहचान के बारे में छात्रों को जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र है और इसे देश के ‘हार्टलैंड’ के रूप में भी देखा जा सकता है।

दो देशों की युवा पीढ़ी का मिलन

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह सिर्फ विद्यार्थियों की मुलाकात नहीं है, बल्कि दो देशों, दो संस्कृतियों और दो परंपराओं की युवा पीढ़ियों का मिलन है। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने की दिशा में बढ़ते समय में ऐसे कार्यक्रमों का महत्व और बढ़ जाता है। दोनों देशों के विद्यार्थी आने वाले समय में रिश्तों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

भारतीय संस्कृति से परिचित हुए जापानी छात्र

कार्यक्रम के दौरान जापानी छात्रों को भारतीय दर्शन, भाषाओं, त्योहारों और उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि जापान की नई पीढ़ी भारत को केवल एक बाजार के रूप में नहीं, बल्कि साझा सभ्यतागत मित्र के रूप में जाने।

जापान से सीखने की बात

मुख्यमंत्री ने भारतीय विद्यार्थियों से भी जापान की अच्छी बातों को सीखने की अपील की। उन्होंने जापान की कार्य संस्कृति, अनुशासन, समयबद्धता, स्वच्छता, टीमवर्क और पारस्परिक सम्मान का उल्लेख किया। साथ ही जापानी जीवन दर्शन ‘इकीगाई’ और वहां की पारंपरिक कलाओं एवं उत्सवों को समझने की बात कही।

शिक्षा के जरिए मजबूत होंगे रिश्ते

इस कार्यक्रम में जापानी और भारतीय छात्रों ने एक-दूसरे की शिक्षा व्यवस्था, जीवनशैली और संस्कृति को समझने का अवसर पाया। जापानी छात्र लखनऊ के विद्यार्थियों के साथ शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी शामिल हुए। ऐसे आदान-प्रदान कार्यक्रमों का उद्देश्य दोनों देशों के युवाओं के बीच आपसी समझ और मित्रता को बढ़ाना है।

भविष्य के रिश्तों की मजबूत नींव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों को दोनों देशों के भविष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनका संदेश था कि आज के विद्यार्थी कल भारत और जापान के बीच संबंधों के नए राजदूत बन सकते हैं। व्यापार और निवेश के साथ शिक्षा, संस्कृति और युवा संवाद भी दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत आधार दे सकते हैं।