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यूपी पुलिस की सब-इंस्पेक्टर अस्मिता डे ने रचा इतिहास, जूडो में गोल्ड जीतकर बढ़ाया देश का मान

Asmita Dey
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उत्तर प्रदेश पुलिस की सब-इंस्पेक्टर अस्मिता डे (Asmita Dey) ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में इतिहास रचते हुए महिलाओं की 48 किलोग्राम जूडो स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया। इस जीत के साथ वह राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित प्रतियोगिता में अस्मिता (Asmita Dey) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में कनाडा की प्रतिद्वंद्वी को हराकर स्वर्ण अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय खेल जगत के साथ-साथ उत्तर प्रदेश पुलिस का भी गौरव बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी Asmita Dey को बधाई

अस्मिता डे (Asmita Dey) की ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत और उत्तर प्रदेश का सम्मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि यह उपलब्धि देश की बेटियों के साहस, अनुशासन, मेहनत और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक ने भी अस्मिता की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने खेल और पुलिस सेवा दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्टता का उदाहरण प्रस्तुत किया है।

अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।

संघर्ष और मेहनत से तय किया सफलता का सफर

23 वर्षीय अस्मिता डे (Asmita Dey) का सफर संघर्षों से भरा रहा है। त्रिपुरा के एक साधारण परिवार से आने वाली अस्मिता ने कठिन परिस्थितियों के बीच अपने खेल करियर को आगे बढ़ाया। उनके पिता साइकिल मरम्मत का काम करते थे और सीमित आय के बावजूद बेटी के सपनों को पूरा करने में हमेशा साथ खड़े रहे।

पिता के निधन के बाद अस्मिता (Asmita Dey) ने कठिन दौर का सामना किया, लेकिन अपनी मां, कोच और परिवार के सहयोग से उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार मेहनत और अनुशासन के बल पर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते और अब राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।

Asmita Dey बनीं युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा

अस्मिता डे (Asmita Dey) की सफलता भारतीय जूडो के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस जीत से देश में जूडो को नई पहचान मिलेगी और अधिक युवा इस खेल की ओर आकर्षित होंगे। उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत रहते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना उनकी प्रतिबद्धता और मेहनत का प्रमाण है।

उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति और लगातार प्रयास से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में मिला यह स्वर्ण पदक भारतीय खेल इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

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