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अयोध्या बना उत्तर प्रदेश का नया स्पोर्ट्स हब, सबसे ज्यादा 7 खेल छात्रावासों के साथ महिला खिलाड़ियों के लिए खुल रहे नए अवसर

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श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या केवल धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब यह उत्तर प्रदेश के प्रमुख खेल केंद्र के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। राज्य सरकार द्वारा विकसित किए जा रहे आधुनिक खेल बुनियादी ढांचे के कारण अयोध्या ने खेल सुविधाओं के मामले में नई पहचान बनाई है। डॉ. भीमराव आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा संकुल में इस समय 7 खेल छात्रावास संचालित हो रहे हैं, जो प्रदेश के किसी भी जिले में सबसे अधिक हैं। इन छात्रावासों के माध्यम से विभिन्न खेलों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

महिला खिलाड़ियों के लिए बना सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र

अयोध्या की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां संचालित सभी सात छात्रावास बालिका खिलाड़ियों के लिए समर्पित हैं। हॉकी, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, कुश्ती और हैंडबॉल जैसे खेलों की महिला खिलाड़ी यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षित वातावरण के कारण अयोध्या महिला खिलाड़ियों के लिए प्रदेश का सबसे बड़ा खेल प्रशिक्षण केंद्र बनता जा रहा है। खेल जगत में यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि उत्तर प्रदेश का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज भी भविष्य में अयोध्या में स्थापित किया जा सकता है, जिससे महिला खिलाड़ियों को और बेहतर अवसर मिलेंगे।

आधुनिक खेल सुविधाओं से मिलेगा बड़ा लाभ

खेल विभाग की दीर्घकालिक योजना के तहत अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित की गई हैं। यहां एथलेटिक्स के लिए सिंथेटिक ट्रैक, हॉकी का एस्ट्रोटर्फ, नौ बैडमिंटन कोर्ट वाला इंडोर हॉल, ऑल-वेदर स्विमिंग पूल और अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम उपलब्ध है। खेल निदेशक के अनुसार, खिलाड़ियों की संख्या बढ़ने पर भविष्य में छात्रावासों और प्रशिक्षण सुविधाओं का और विस्तार किया जाएगा। इन आधुनिक संसाधनों का उद्देश्य खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है। इससे प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बाहर जाने की आवश्यकता भी कम होगी।

लखनऊ पीछे, अयोध्या ने बनाई नई पहचान

एक समय उत्तर प्रदेश में खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले लखनऊ में अब केवल तीन खेल छात्रावास ही संचालित हो रहे हैं, जबकि अयोध्या सात छात्रावासों के साथ पहले स्थान पर पहुंच चुका है। आगरा पांच छात्रावासों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि वाराणसी और प्रयागराज में तीन-तीन खेल छात्रावास संचालित हैं। इसके अलावा झांसी, मेरठ, गोरखपुर, देवरिया, अमेठी और सोनभद्र सहित कई जिलों में भी विभिन्न खेलों के छात्रावास चल रहे हैं। अयोध्या में खेल सुविधाओं का लगातार विस्तार प्रदेश की नई खेल नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। यदि यहां महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना होती है, तो यह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश की महिला खिलाड़ियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा और अयोध्या की पहचान खेल राजधानी के रूप में और मजबूत होगी।