Posted inउत्तर प्रदेश, न्यूज

चित्रकूट में 3.40 करोड़ से बने सहायक महानिरीक्षक कार्यालय का निरीक्षण, नोडल अधिकारी अजीत कुमार ने विकास कार्यों की समीक्षा की

अजीत कुमार
चित्रकूट में 3.40 करोड़ से बने सहायक महानिरीक्षक कार्यालय का निरीक्षण, नोडल अधिकारी अजीत कुमार ने विकास कार्यों की समीक्षा की
News on WhatsAppJoin Now

चित्रकूट में नोडल अधिकारी अजीत कुमार ने करीब ₹3.40 करोड़ की लागत से बने सहायक महानिरीक्षक कार्यालय भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भवन में उपलब्ध सुविधाओं और निर्माण कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ विभागवार समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई।

बैठक में जिले में चल रही विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। नोडल अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सरकारी योजनाओं और निर्माण कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने तथा कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

विकास योजनाओं की विभागवार हुई समीक्षा

कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों से उनके विभाग से संबंधित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। नोडल अधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए।

विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो और निर्धारित लक्ष्य के अनुसार काम आगे बढ़ाया जाए। इसके साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने और जमीनी स्तर पर उनकी नियमित निगरानी करने पर भी जोर दिया गया। बैठक के दौरान अधिकारियों को अपने विभाग के लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर

निरीक्षण और समीक्षा के दौरान निर्माणाधीन तथा पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर भी निर्देश दिए गए। नोडल अधिकारी ने कहा कि सरकारी धन से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। संबंधित विभागों को निर्माण कार्यों की नियमित जांच करने और तय मानकों के अनुसार काम सुनिश्चित करने को कहा गया।

साथ ही अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए, ताकि विभागों के बीच तालमेल की कमी के कारण किसी परियोजना की गति प्रभावित न हो।

समय पर योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश

समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की वास्तविक प्रगति को समझना रहा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजनाओं के लाभार्थियों से जुड़े मामलों का समय से निस्तारण किया जाए और पात्र लोगों को सरकारी सुविधाओं के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

चित्रकूट जिला प्रशासन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार जिले में चार तहसील, पांच ब्लॉक और 653 गांव हैं, इसलिए योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभागीय समन्वय महत्वपूर्ण है।

नवनिर्मित कार्यालय के निरीक्षण के साथ हुई यह विभागवार समीक्षा प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

ALSO READ: उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट, मेरठ से लखनऊ तक बदलेगा मौसम, बिजली गिरने की भी चेतावनी