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यूपी चुनाव 2027 में बड़ा मुद्दा बनेगा छांगुर बाबा केस ? सीएम योगी ने मंच से किया ‘सिंडिकेट’ का जिक्र

Chhangur Baba
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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में 2027 विधानसभा चुनाव की राजनीतिक हलचल के बीच छांगुर बाबा (Chhangur Baba) से जुड़ा कथित अवैध धर्मांतरण मामला एक बार फिर चर्चा में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) लगातार अवैध धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कर रहे हैं। छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन पर उत्तर प्रदेश एटीएस (UP ATS) और अन्य जांच एजेंसियों ने संगठित तरीके से अवैध धर्मांतरण कराने और विदेशी फंडिंग से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं।

मुख्यमंत्री पहले भी उसकी गतिविधियों को समाज और राष्ट्र के खिलाफ बताते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की बात कह चुके हैं। मामला अदालत में है, इसलिए आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया से होगा।

सीएम योगी ने किया Chhangur Baba के सिंडिकेट का जिक्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने हाल के सार्वजनिक कार्यक्रमों में अवैध धर्मांतरण के कथित नेटवर्क को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट किया है। सरकार का कहना है कि किसी भी संगठित गिरोह को प्रलोभन, दबाव या धोखे से धर्मांतरण कराने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मार्च 2026 में बलरामपुर की समीक्षा के दौरान भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि ऐसी गतिविधियों पर नजर रखी जाए और भविष्य में छांगुर बाबा जैसा कोई नेटवर्क दोबारा खड़ा न हो। इसके लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी और कानून का सख्ती से पालन कराने पर जोर दिया गया।

विदेशी फंडिंग के आरोपों ने बढ़ाई मामले की गंभीरता

छांगुर बाबा मामले में धर्मांतरण के आरोपों के साथ वित्तीय लेनदेन भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। जांच एजेंसियों ने उसके कथित नेटवर्क से जुड़े कई बैंक खातों और विदेश से आए धन की जांच की है। प्रवर्तन निदेशालय की जांच में करीब ₹106 करोड़ की विदेशी फंडिंग से जुड़े आरोप सामने आए थे। वहीं एटीएस ने उसके कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की है। जनवरी 2026 में उत्तर प्रदेश एटीएस ने इस मामले में एक प्रमुख आरोपी को नागपुर से गिरफ्तार किया था।

क्या 2027 में चुनावी मुद्दा बन सकता है मामला?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कानून व्यवस्था, रोजगार, विकास और सामाजिक मुद्दों पर राजनीतिक दल अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। ऐसे में अवैध धर्मांतरण के खिलाफ योगी सरकार की कार्रवाई को भाजपा अपनी कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की नीति से जोड़ सकती है। प्रदेश में उच्च शिक्षण संस्थानों को भी जबरन या अवैध धर्मांतरण रोकने के उद्देश्य से ‘एंटी-रेडिकलाइजेशन’ इकाइयां और काउंसलिंग सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह विषय सरकारी नीति में बना हुआ है।

हालांकि छांगुर बाबा मामला 2027 के चुनाव में कितना बड़ा मुद्दा बनेगा, यह आने वाले महीनों के राजनीतिक घटनाक्रम, जांच और अदालती प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

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