Who is Jatayu in Ramayanam: निर्देशक नितेश तिवारी (Nitesh Tiwari) की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह बना हुआ है। हाल ही में यह पुष्टि हुई कि फिल्म में जटायु (Jatayu) के किरदार को अभिनेता अनुपम खेर (Anupam Kher) ने अपनी आवाज देंगे। इसके बाद एक बार फिर रामायण के इस महत्वपूर्ण पात्र और उसे निभाने वाले कलाकारों की चर्चा तेज हो गई।
इसी बीच रामानंद सागर की लोकप्रिय टीवी ‘रामायण’ में जटायु (Jatayu) का किरदार निभाने वाले अभिनेता सुनील वर्मा (Sunil Verma) की कहानी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
रामानंद सागर की रामायण में निभाए थे छह किरदार
सुनील वर्मा ने केवल जटायु (Jatayu) का ही नहीं, बल्कि रामानंद सागर की ‘रामायण’ में कुल छह अलग-अलग भूमिकाएं निभाई थीं। अपने शानदार अभिनय और मेकअप की वजह से दर्शक अक्सर उन्हें पहचान भी नहीं पाते थे। जटायु के रूप में उनका भावुक अभिनय आज भी दर्शकों को याद है।
रिपोर्टों के अनुसार, अभिनय जगत में योगदान देने के बावजूद सुनील वर्मा आज लाइमलाइट से दूर पटना में सादगी भरा जीवन जी रहे हैं। उनकी कहानी यह दिखाती है कि कई प्रतिभाशाली कलाकार पर्दे पर यादगार काम करने के बावजूद समय के साथ गुमनामी में चले जाते हैं।
नितेश तिवारी की फिल्म से फिर चर्चा में आया Jatayu
नितेश तिवारी की ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं जटायु के लिए अनुपम खेर की आवाज चुने जाने के बाद इस किरदार को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है। रामायण में जटायु का पात्र साहस, त्याग और धर्म की रक्षा का प्रतीक माना जाता है।
रावण से युद्ध करते हुए माता सीता की रक्षा के लिए जटायु अपने प्राणों का बलिदान देते हैं। यही कारण है कि यह किरदार रामायण की सबसे भावनात्मक घटनाओं में से एक माना जाता है।
दर्शकों को नई प्रस्तुति का इंतजार
नितेश तिवारी की ‘रामायण’ भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जा रही है। फिल्म के कलाकारों, तकनीक और भव्य प्रस्तुति को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। ऐसे में जटायु जैसे महत्वपूर्ण किरदार की भी खास भूमिका रहने वाली है। वहीं रामानंद सागर की रामायण में सुनील वर्मा द्वारा निभाया गया जटायु आज भी दर्शकों की यादों में जीवित है।
नई फिल्म के साथ एक बार फिर पुराने कलाकारों के योगदान को भी याद किया जा रहा है। दर्शकों को उम्मीद है कि नई ‘रामायण’ में भी इस भावनात्मक प्रसंग को उतनी ही प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा, जितना वर्षों पहले टीवी पर देखा गया था।
