उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित राज्यव्यापी पौधारोपण महाअभियान के तहत पौधा लगाकर अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्ष केवल हरियाली ही नहीं बढ़ाते, बल्कि जल संरक्षण, स्वच्छ हवा और जलवायु संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण देने के लिए आज से ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीर होना आवश्यक है।
जनभागीदारी से सफल होगा अभियान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पौधारोपण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व है। उन्होंने सभी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। यदि लगाए गए पौधों का संरक्षण किया जाए तो यह अभियान पर्यावरण सुधार की दिशा में स्थायी परिणाम देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसहयोग से उत्तर प्रदेश को अधिक हरित और स्वच्छ बनाया जा सकता है।
पर्यावरण और विकास साथ-साथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दे रही है। सड़क, औद्योगिक परियोजनाओं और शहरी विकास के साथ-साथ हरित क्षेत्र बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। सरकार लगातार ऐसे कार्यक्रम चला रही है, जिनसे पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़े और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
हरित उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण के प्रति जागरूक राज्य बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि प्रत्येक नागरिक हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से इस अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील करते हुए कहा कि प्रकृति की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास से जुड़े अभियानों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाती रहेगी।
