मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में प्रस्तावित डिफेंस फैक्ट्री के भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भाग लिया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि और उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डिफेंस क्षेत्र में निवेश बढ़ने से शिवपुरी और आसपास के क्षेत्रों में नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि डिफेंस फैक्ट्री की स्थापना से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में लोगों को काम मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करना और उद्योगों के माध्यम से प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देना है। बेहतर आधारभूत ढांचे, सरल नीतियों और निवेशक-अनुकूल माहौल के कारण मध्य प्रदेश में औद्योगिक परियोजनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने से आधुनिक तकनीक, कौशल विकास और स्थानीय उद्योगों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। इस प्रकार की परियोजनाएं भारत को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में और अधिक सशक्त बनाएंगी।
औद्योगिक विकास की नई संभावनाएं
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश को औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। सड़क, बिजली, जल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ उद्योगों को आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिवपुरी की डिफेंस फैक्ट्री आने वाले समय में क्षेत्र के आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बनेगी। इससे रोजगार, व्यापार और स्थानीय उद्योगों को नई गति मिलेगी तथा प्रदेश की औद्योगिक प्रगति को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए भविष्य में भी इसी तरह की परियोजनाओं को प्राथमिकता देती रहेगी।
