उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुरादाबाद में वर्षों पहले हुई उस घटना का जिक्र किया, जिसमें एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर हमला हुआ था। योगी ने कहा कि उस समय कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी और अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि पुलिस अधिकारी भी सुरक्षित नहीं थे। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार में कानून का राज स्थापित हुआ है और अपराधियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जा रही है।
राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चंदे के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम की आस्था से जुड़े विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। योगी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने के बजाय केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले राम मंदिर के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वही आज इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।
सपा सरकार के कार्यकाल पर उठाए सवाल
योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि उस दौर में दंगे, अपराध और माफिया का बोलबाला था। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने प्रदेश में निवेश का माहौल बनाया है, उद्योगों को बढ़ावा दिया है और कानून व्यवस्था को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता अब विकास और सुरक्षा के आधार पर सरकार का मूल्यांकन कर रही है, इसलिए प्रदेश की तस्वीर लगातार बदल रही है।
विकास और सुशासन का किया दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज एक्सप्रेसवे, मेडिकल कॉलेज, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना है। योगी ने जनता से विकास और सुशासन की इस यात्रा में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए कानून व्यवस्था और पारदर्शिता सबसे बड़ी प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की जनता अब तथ्यों के आधार पर फैसला करती है और विकास की राजनीति को प्राथमिकता दे रही है।
