उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीलीभीत में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश का विभाजन कांग्रेस की सत्ता पाने की लालसा का परिणाम था और उस दौर की नीतियों ने भारत को गहरा नुकसान पहुंचाया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आजादी के समय लिए गए कुछ राजनीतिक फैसलों का असर देश आज भी महसूस कर रहा है। यह बयान आगामी राजनीतिक माहौल के बीच काफी चर्चा का विषय बन गया है।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि यदि उस समय राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखा जाता, तो देश को विभाजन जैसी त्रासदी का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता हासिल करने के लिए ऐसे निर्णय लिए, जिनके कारण लाखों लोगों को विस्थापन, हिंसा और कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इतिहास से सीख लेकर देश को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है और राष्ट्रहित को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में पहले दंगे और कानून-व्यवस्था की समस्याएं आम बात थीं, लेकिन वर्तमान सरकार ने अपराध और अराजकता पर सख्ती से नियंत्रण किया है। उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश विकास, निवेश और बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए जाना जा रहा है। योगी ने कहा कि सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के विकास के लिए काम कर रही है और प्रदेश में सुरक्षा का माहौल पहले से अधिक मजबूत हुआ है।
योगी आदित्यनाथ ने जनता से विकास, सुरक्षा और सुशासन के मुद्दों पर सरकार का समर्थन करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और उत्तर प्रदेश भी नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। वहीं, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने समय-समय पर ऐसे आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया है और इन दावों से असहमति जताई है। इस तरह के बयान चुनावी माहौल में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकते हैं, जहां विभिन्न दल अपने-अपने दृष्टिकोण के साथ जनता के बीच पहुंच रहे हैं।
