उत्तर प्रदेश अब देश के सबसे बड़े रक्षा निर्माण केंद्रों में अपनी पहचान मजबूत करता दिख रहा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा है कि राज्य के छह डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में ₹35 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतरने लगे हैं। लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट को जोड़कर बनाए गए इस कॉरिडोर का उद्देश्य भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।
प्रयागराज में आयोजित नॉर्थटेक संगोष्ठी के समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में रक्षा उत्पादन के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, जमीन बैंक और नीतिगत सुविधाएं तैयार की जा चुकी हैं। सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए डिफेंस और एयरोस्पेस नीति के तहत कई तरह के प्रोत्साहन भी दे रही है।
अलग-अलग शहरों को मिली विशेष जिम्मेदारी
राज्य सरकार ने डिफेंस कॉरिडोर के प्रत्येक शहर को अलग-अलग विशेषज्ञता के साथ विकसित करने की रणनीति बनाई है। अलीगढ़ को छोटे हथियार, रक्षा उपकरण और सैन्य सामग्री निर्माण का केंद्र बनाया जा रहा है। वहीं कानपुर को गोला-बारूद, मिसाइल, डिफेंस टेक्सटाइल और सुरक्षा उपकरण निर्माण के लिए तैयार किया जा रहा है।
लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल और भारी रक्षा उपकरण निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दूसरी ओर चित्रकूट और आगरा को एयरोस्पेस तथा प्रिसीजन इंजीनियरिंग के लिए विकसित किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
ड्रोन और AI सेक्टर पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार Indian Institute of Technology Kanpur के साथ मिलकर ड्रोन टेक्नोलॉजी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तैयार कर रही है। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से काम हो रहा है। राज्य में अब तक 21 हजार से अधिक स्टार्टअप स्थापित हो चुके हैं।
रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा फायदा
सरकार का कहना है कि उत्तर प्रदेश में 56 प्रतिशत कुशल मानव संसाधन उपलब्ध है और करीब 96 लाख MSME इकाइयां पहले से कार्यरत हैं। यही वजह है कि रक्षा कंपनियां यूपी को निवेश के लिए बेहतर विकल्प मान रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक डिफेंस कॉरिडोर परियोजना आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई दे सकती है और यूपी को देश का प्रमुख रक्षा निर्माण केंद्र बना सकती है।
