मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने अपने मंत्रियों को बड़ा संदेश दे दिया है। सरकार के ढाई साल पूरे होने से पहले उन्होंने सभी मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को विभागवार समीक्षा बैठक के लिए तलब कर लिया है। इस कदम को संभावित मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
8 से 10 मई तक होगी बड़ी समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि 8 से 10 मई के बीच विभागवार बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में मंत्रियों को अपने विभाग की उपलब्धियां, नए नवाचार, जनता के लिए किए गए काम, आने वाली योजनाएं और चुनौतियों का पूरा ब्यौरा देना होगा। इतना ही नहीं, जिन जिलों का प्रभार मंत्रियों के पास है, वहां के विकास कार्यों की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री इस बार केवल औपचारिक समीक्षा नहीं करेंगे, बल्कि कामकाज का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। जिन मंत्रियों का प्रदर्शन बेहतर रहेगा, उन्हें सरकार और संगठन में अधिक महत्व मिल सकता है। वहीं कमजोर प्रदर्शन करने वाले नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
मंत्रियों के साथ अफसरों की भी परीक्षा
इस समीक्षा बैठक की खास बात यह है कि सिर्फ मंत्री ही नहीं, बल्कि विभागों के एसीएस, पीएस और सचिव स्तर के अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होगी। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि विभागों में नवाचार और जनता को राहत देने वाले फैसलों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार अब परफॉर्मेंस आधारित राजनीति पर जोर देना चाहती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह समीक्षा बैठक संभावित कैबिनेट विस्तार से पहले एक तरह की “परफॉर्मेंस टेस्ट” है। लंबे समय से चर्चा चल रही है कि मोहन यादव सरकार में कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है, जबकि कुछ मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं।
जिला विकास समितियों पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि 12 मई से पहले अपने प्रभार वाले जिलों में जिला विकास समितियों की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित करें। इन बैठकों में विकास कार्यों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। सरकार चाहती है कि जमीनी स्तर पर योजनाओं का असर दिखाई दे और जनता तक सीधा फायदा पहुंचे।
कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज
मध्य प्रदेश में पिछले कई महीनों से मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा चल रही है। अब मुख्यमंत्री की सख्ती और लगातार समीक्षा बैठकों के निर्देशों ने इन अटकलों को और तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि सरकार आगामी चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए संगठन और सत्ता दोनों स्तरों पर बड़ा बदलाव कर सकती है।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री उन मंत्रियों को आगे बढ़ाना चाहते हैं जो जनता के बीच सक्रिय हैं और जिनका प्रदर्शन बेहतर रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह समीक्षा केवल प्रशासनिक प्रक्रिया है या फिर बड़े राजनीतिक बदलाव की तैयारी।
