उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गोरखपुर को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात देते हुए 612 करोड़ रुपये की 71 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षामित्रों के सम्मान समारोह में हिस्सा लिया और कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षामित्र, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
विकास परियोजनाओं से बदलेगा गोरखपुर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से काम हुआ है। गोरखपुर में सड़कों का विस्तार, मेडिकल सुविधाओं का विकास और नए प्रशासनिक ढांचे तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से पूर्वांचल के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
सीएम योगी ने कार्यक्रम के दौरान नए कन्वेंशन सेंटर का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारना है। उन्होंने गोरखपुर को पूर्वांचल के विकास का केंद्र बताते हुए कहा कि आने वाले समय में यह क्षेत्र निवेश और रोजगार का बड़ा हब बनेगा।
शिक्षामित्रों को मिला सम्मान
कार्यक्रम का सबसे खास हिस्सा शिक्षामित्र सम्मान समारोह रहा। मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक चेक वितरित किए और कहा कि उनकी मेहनत से प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। प्रदेश सरकार ने हाल ही में शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह किया है, जिससे करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को फायदा मिलेगा।
सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों ने शिक्षामित्रों को अनिश्चितता में छोड़ा, लेकिन वर्तमान सरकार ने संवाद और सहयोग के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है।
शिक्षा और विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही विकसित उत्तर प्रदेश की नींव बनेगी। सरकार स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुधारने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं देने पर लगातार काम कर रही है।
गोरखपुर में आयोजित यह कार्यक्रम विकास और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। 612 करोड़ की परियोजनाओं और शिक्षामित्रों के सम्मान से सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि विकास के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना भी उसकी बड़ी प्राथमिकता है।
